# AIFAP > सर्व हिन्द निजीकरण विरोधी फ़ोरम ## Posts - [BEFI तीन रीजनल रूरल बैंकों के हिस्सेदारी को शेयर बाज़ार में बेचने की योजना का विरोध करता है।](https://hindi.aifap.org.in/16003/): बैंक एम्प्लॉइज फेडरेशन ऑफ इंडिया (BEFI) की प्रेस विज्ञप्ति वित्त मंत्रालय ने तीन रीजनल रूरल बैंकों (RRBs) – केरल ग्रामीण बैंक, तमिलनाडु ग्रामीण बैंक और हरियाणा ग्रामीण बैंक से मार्च 2026 के आखिर तक अपने शेयर बेचने की योजना जमा करने को कहा है। किसी सार्वजानिक क्षेत्र उद्यम के हिस्सेदारी बेचना उसके निजीकरण की दिशा में पहला कदम है और इसका विरोध होना चाहिए। RRBs को 50 साल पहले छोटे और सीमांत किसानों, खेतिहर मजदूरों, स्वयं-पोसी समूहों, कारीगरों और ग्रामीण छोटे उद्यमियों को लोन देने के लिए बनाया गया था। (अंग्रेजी प्रेस विज्ञप्ति का अनुवाद) बैंक एम्प्लाइज फेडरेशन ऑफ़ इंडिया […] - [परमाणु ऊर्जा से संबंधित नया शांति अधिनियम 2025 तबाही का नुस्खा है](https://hindi.aifap.org.in/15998/): के. अशोक राव, संरक्षक, अखिल भारतीय विद्युत अभियंता संघ (AIPEF), मुख्य संरक्षक, केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के अधिकारी संघों का राष्ट्रीय परिसंघ (NCOA) और अध्यक्ष, दिल्ली विज्ञान मंच द्वारा। शांति अधिनियम 2025 परमाणु ऊर्जा क्षेत्र को भारतीय और विदेशी निजी इजारेदारों के लिए खोल देता है, जो केवल अपने लाभ को अधिकतम करने के लिए प्रतिबद्ध हैं और जनता की सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण के बारे में उन्हें कोई चिंता नहीं है। परमाणु ऊर्जा संयंत्र में दुर्घटना लाखों लोगों के जीवन को खतरे में डाल सकती है और आने वाली पीढ़ियों के लिए अनकहा और अज्ञात दुख ला सकती […] - [भारत के नए श्रम संहिता: कैसे श्रमिक अधिकारों को ध्वस्त किया जा रहा है](https://hindi.aifap.org.in/15995/): मैत्रेयी कृष्णन, ऑल इंडिया सेंट्रल काउंसिल ऑफ ट्रेड यूनियन्स (AICCTU), राज्य सचिव, कर्नाटक 21 नवम्बर को केन्द्र सरकार ने चार श्रम संहिताओं को लागू करने की अधिसूचनाएँ जारी कीं, जिन्हें 2019 से 2021 के बीच पारित किया गया था— वेतन संहिता, 2019; व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्य दशाएँ संहिता (OSH कोड), 2020; सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020; और औद्योगिक संबंध संहिता (IR कोड), 2020। औपनिवेशिक विरासत को समाप्त करने वाले “श्रम सुधार” के रूप में प्रस्तुत की गई ये चारों संहिताएँ वास्तव में देश में वर्ग संबंधों के मध्यस्थ के रूप में राज्य की भूमिका का पुनर्संयोजन हैं। कॉरपोरेट इंडिया द्वारा […] - [2025 पॉवर क्षेत्र के निजीकरण के विरोध में लंबे संघर्ष के लिए याद किया जाएगा](https://hindi.aifap.org.in/15991/): ऑल इंडिया पॉवर इंजीनियर्स फेडरेशन (AIPEF) का संदेश साल 2025 निजीकरण के विरोध में लंबे संघर्ष के लिए याद किया जाएगा। इसी साल केंद्र सरकार ने एक बार फिट इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 जारी कर दिया है। यह बिल सम्पूर्ण पॉवर सेक्टर के अंत की शुरुआत का दस्तावेज है। वर्ष 2024 के बाद यह छठी बार है जब भारत सरकार ने इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल जारी किया है। इसके पहले हमने पाँच बार इस बिल को रोक है और नए साल की शुरुआत होने के पहले यह द्रढ़ संकल्प किया है कि हम छठी बार भी इसे रोकेंगे। - [चार लेबर कोड मजदूर विरोधी, किसान-विरोधी, मेहतनकश-विरोधी और राष्ट्र-विरोधी हैं। ये कोड 50 करोड़ मजदूरों को गुलाम बनाने के लिये लाये गये हैं। - कॉम. संतोष कुमार](https://hindi.aifap.org.in/15986/): 7 दिसंबर 2025 को चार श्रम संहिताओं को रद्द करने की मांग के लिए AIFAP की मीटिंग में मजदूर एकता कमेटी के कॉम. संतोष कुमार का भाषण ऑल इंडिया फोरम अगेंस्ट प्राइवेटाईजेशन का मैं बहुत आभारी हूं कि उन्होंने मजदूर एकता कमेटी को बोलने का मौका दिया। पूर्व वक्ताओं ने बहुत अच्छे से 4 श्रम संहिताओं के बारे में बताया है। यह चार श्रम संहिताएं मजदूर–मेहनतकशों के घोर–विरोध के बावजूद इसको केंद्र सरकार ने पास किया है। ये चार लेबल कोड मजदूर विरोधी, किसान–विरोधी, मेहतनकश–विरोधी और राष्ट्र–विरोधी हैं। ये कोड, 50 करोड़ मजदूरों को गुलाम बनाने के लिये लाये गये […] - [महाराष्ट्र के बिजली कर्मचारियों ने राज्य के 13 सर्किलों में फ्रेंचाइजी नियुक्त कर निजीकरण करने के फैसले का कड़ा विरोध किया](https://hindi.aifap.org.in/15982/): महाराष्ट्र राज्य बिजली कर्मचारी महासंघ (MSEWF) का प्रेस नोट प्रेस नोट, मुंबई | तारीख: 30.12.2026 महाराष्ट्र राज्य बिजली कर्मचारी महासंघ ने महावितरण कंपनी के 13 सर्किलों में फ्रेंचाइजी नियुक्त करने के फैसले का कड़ा विरोध किया है, जिससे निजीकरण होगा। महावितरण कंपनी के मैनेजमेंट ने 15 दिसंबर, 2025 को 13 बिजली वितरण सर्किलों में निजी पूंजीवादी कंपनियों को फ्रेंचाइजी आधार पर नियुक्त करने का फैसला किया है, जिससे वितरण क्षेत्र का बड़े पैमाने पर निजीकरण होगा। इन 13 सर्किलों में जालना, छत्रपति संभाजी नगर शहर और ग्रामीण, नांदेड़, परभणी, हिंगोली, वाशिम, अकोला, बुलढाणा, यवतमाल, सोलापुर, धाराशिव और बीड शहर शामिल […] - [जन स्वास्थ्य सेवा के मूलभूत अधिकार का हनन, यह मौजूदा पूंजीवादी शोषण की व्यवस्था का एक अनिवार्य हिस्सा है। इसे ख़त्म करने के लिए पूंजीवादी शोषण को ही ख़त्म करना होगा।](https://hindi.aifap.org.in/15979/): सर्व हिन्द निजीकरण विरोधी फोरम (AIFAP) के प्रतिनिधि सुश्री सुचरिता का जन स्वास्थ्य अभियान (JSA) के 10-11 दिसंबर 2025 को नई दिल्ली में हुए अधिवेशन में भाषण सुश्री सुचरिता की प्रस्तुति में उन्होंने सरकारी अस्पतालों व चिकित्सालयों तथा सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं की बदतर हालत पर रोशनी डालीI स्वास्थ्य कर्मियों, दवाइयों, डायग्नोस्टिक चेकिंग इत्यादि की भयानक कमी के कारण आम मेहेनतकश जनता को बहुत भारी नुकसान उठाना पड़ता हैI इनमें काम करने वाले डॉक्टर, नर्स व अन्य कर्मी अक्सर अकेले ही सैकड़ों मरीजों की देखभाल करने व लम्बे घंटों तक लगातार काम करने को मजबूर होते हैं क्योंकि डॉक्टर, नर्स व […] - [AIPEF पंजाब राज्य सरकार से औद्योगिक शांति बहाल करने, तकनीकी नेतृत्व बनाए रखने, अन्यायपूर्ण फैसलों को पलटने और पंजाब के पावर सेक्टर की लंबे समय की स्थिरता की रक्षा के लिए तुरंत दखल देने की मांग करता है](https://hindi.aifap.org.in/15973/): ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन (AIPEF) का पंजाब के मुख्यमंत्री को पत्र (अंग्रेजी पत्र का अनुवाद) ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन (सोसायटी अधिनियम XXI, 1860 के तहत पंजीकृत), पंजीकरण संख्या 24085/93 पंजीकृत प्रधान कार्यालय B-1A, जनकपुरी, नई दिल्ली-10058 सं. 63-2025/पंजाब 24-12-2025 एस. भगवंत मान, अति आवश्यक माननीय मुख्यमंत्री, पंजाब सरकार, चंडीगढ़। विषय: पंजाब राज्य के बिजली क्षेत्र में मनमानी कार्रवाई और तदर्थवाद – हस्तक्षेप के लिए अपील महोदय, ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन (AIPEF) हाल के घटनाक्रमों पर गहरी चिंता व्यक्त करता है जो पंजाब के बिजली क्षेत्र की तकनीकी अखंडता और संस्थागत स्थिरता पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रहे हैं। […] - [महाराष्ट्र के बिजली कर्मचारियों के संयुक्त संघर्ष ने संविदा कर्मचारियों को नियमितता हासिल की](https://hindi.aifap.org.in/15968/): हम जानते हैं कि किसी भी उद्यम में संविदा श्रमिकों के लिए, स्थायी श्रमिकों के समर्थन के बिना, अपने अधिकारों के लिए अकेले लड़ना अत्यंत कठिन है, क्योंकि उन्हें अत्यधिक असुरक्षा का सामना करना पड़ता है। पूंजीवादी मालिक और यहां तक ​​कि विभिन्न सरकारी उद्यमों के वरिष्ठ प्रबंधन भी इस असुरक्षा का पूरा फायदा उठाते हैं और संविदा श्रमिकों का इस्तेमाल स्थायी श्रमिकों की हड़तालों और अन्य संघर्षों को कुचलने के लिए करते हैं। श्रमिक वर्ग के लिए यह अत्यंत महत्वपूर्ण है कि वह स्थायी और संविदा श्रमिकों के बीच इस तरह के विभाजन को अस्वीकार करे और पूरे श्रमिक […] - [सर्व हिन्द निजीकरण विरोधी फोरम (AIFAP) मजदूर-विरोधी, किसान-विरोधी और जन-विरोधी ड्राफ्ट विद्युत (संशोधन) विधेयक 2025 को वापस लेने की मांग करता है](https://hindi.aifap.org.in/15950/): सर्व हिन्द निजीकरण विरोधी फोरम (AIFAP) की स्थापना 2021 में हुई थी, यानी चार साल से थोड़ा ज़्यादा समय पहले। इतने सालों में, AIFAP ने केंद्र और राज्य सरकारों की निजीकरण पॉलिसी के खिलाफ पूरे भारत में अलग-अलग यूनियन और संगठन की एकता बनाने में अहम भूमिका निभाई है। भारत में विभिन्न बिजली कर्मियों के यूनियन, जो AIFAP के घटक भी हैं, बिजली क्षेत्र के निजीकरण के खिलाफ सक्रिय रूप से संगठित हुए हैं। उल्लेखनीय यह है कि अन्य क्षेत्रों से जुड़े AIFAP के घटकों ने भी यह मांग की है कि बिजली का निजीकरण नहीं किया जाना चाहिए। AIFAP […] - [केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने दमनकारी श्रम संहिताओं जनता के अधिकारों और हकों पर किए जा रहे विभिन्न हमलों के खिलाफ 12 फरवरी 2026 को सामान्य हड़ताल करने का संकल्प किया](https://hindi.aifap.org.in/15961/): केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और सेक्टोरल फेडरेशनों/एसोसिएशनों के संयुक्त मंच की प्रेस विज्ञप्ति - [बिजली कर्मचारियों, केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और किसान संगठनों ने दमनकारी न्यूक्लियर बिल तथा इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल के विरोध में देश भर में किया प्रदर्शन](https://hindi.aifap.org.in/15953/): ऑल इंडिया पॉवर इंजीनियर्स फेडरेशन (AIPEF) का प्रेस नोट बिजली के निजीकरण और ड्राफ्ट इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल, 2025 तथा उप्र में दमन और उत्पीड़न के बल पर किए जा रहे बिजली के निजीकरण के विरोध में बिजली कर्मियों, किसानों और ट्रेड यूनियनों ने एक साथ आकर तय किया है कि निजीकरण के विरोध में आने वाले वर्ष में व्यापक अभियान चलाया जाएगा। इसी के तहत आज देश भर में विरोध प्रदर्शन किया गया। ऑल इंडिया पॉवर इंजीनियर्स फेडरेशन प्रेस नोट – 23 दिसंबर, 2025 बिजली कर्मचारियों, केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और किसान संगठनों ने दमनकारी न्यूक्लियर बिल तथा इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल […] - [मुंबई: दयनीय कार्य परिस्थितियों के खिलाफ पश्चिम रेलवे के मोटरमैन विरोध के मोड में](https://hindi.aifap.org.in/15946/): कामगार एकता कमिटी (KEC) संवाददाता की रिपोर्ट हाल ही में, 2 दिसंबर को देश भर के लोको-पायलटों ने अपनी लंबे समय से लंबित मांगों और शिकायतों को लेकर 48 घंटे की भूख हड़ताल का आयोजन किया था। उनकी मांगों में से एक यह थी कि उनकी ड्यूटी के घंटे 8 से 10 घंटे के भीतर सीमित किए जाएं। मुंबई की उपनगरीय लोकल ट्रेनों को संचालित करने वाले मोटरमैन और महिलाएं भी अत्यधिक लंबे ड्यूटी घंटों के कारण परेशान हैं। पश्चिम रेलवे नेटवर्क पर लोकल ट्रेनें चलाने वाले मोटरमैनों ने नए ड्यूटी घंटों को लेकर असंतोष व्यक्त किया है, जिनके कारण […] - [“स्वास्थ्य हमारा अधिकार है! स्वास्थ्य सेवा लोगों के लिए, मुनाफे के लिए नहीं!”](https://hindi.aifap.org.in/15940/): डॉ. अभय शुक्ला, जन स्वास्थ्य चिकित्सक एवं जन स्वास्थ्य अभियान (JSA) के राष्ट्रीय सह–संयोजक से प्राप्त जानकारियों पर आधारित रिपोर्ट स्वास्थ्य सभी मानवों की एक मौलिक आवश्यकता है। उदारीकरण और निजीकरण के हमले के तहत पिछले तीन दशकों से अधिक समय में सार्वजनिक स्वास्थ्य क्षेत्र को नष्ट कर दिया गया है। इसका असर हमारे देश के सभी मेहनतकश लोगों की आर्थिक सेहत पर पड़ रहा है। देश भर से सैकड़ों कार्यकर्ता दिल्ली में एक अत्यंत सुव्यवस्थित सम्मेलन में एकत्र हुए, इन नीतियों की निंदा की और यह घोषणा की कि “स्वास्थ्य हमारा अधिकार है, और स्वास्थ्य सेवा लोगों के लिए […] - [मजदूर और किसान संगठनों ने शांति विधेयक की निंदा की](https://hindi.aifap.org.in/15935/): नेशनल कोऑर्डिनेशन कमेटी ऑफ़ इलेक्ट्रिसिटी एम्प्लॉइज़ एंड इंजीनियर्स (NCCOEEE), संयुक्त किसान मोर्चा और सेंट्रल ट्रेड यूनियनों के जॉइंट प्लेटफ़ॉर्म की प्रेस रिलीज़ सस्टेनेबल हार्नेसिंग एंड एडवांसमेंट ऑफ न्यूक्लियर एनर्जी फॉर ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया बिल (SHANTI), 15 दिसंबर को लोकसभा में प्रस्तुत किया गया और 17 दिसंबर को ध्वनिमत से पारित किया गया। शांति विधेयक का उद्देश्य परमाणु ऊर्जा अधिनियम 1962 और परमाणु क्षति के लिए नागरिक दायित्व अधिनियम 2010 को निरस्त कर उनकी जगह एक एकल व्यापक कानून लाना है। 18 दिसंबर को राज्यसभा द्वारा भी इस विधेयक को पारित किए जाने के बाद, भारत के राष्ट्रपति की स्वीकृति मिलते ही […] - [चार श्रम संहिताओं के खिलाफ महाराष्ट्र के भिवंडी में उग्र प्रदर्शन आयोजित](https://hindi.aifap.org.in/15930/): कामगार एकता कमिटी (KEC) संवाददाता की रिपोर्ट भिवंडी महाराष्ट्र के थाणे जिले में एक महत्वपूर्ण वाणिज्यिक और औद्योगिक शहर है। भिवंडी शुरू में कपड़ा उद्योग के लिए एक औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित हुआ और यहां बड़ी संख्या में पावरलूम और हैंडलूम हैं। मुंबई और न्हावा शेवा बंदरगाह के निकट होने के कारण, यह पिछले दशक में एक विशाल वेयरहाउसिंग हब के रूप में विकसित हुआ है। इस प्रकार, यह मुख्य रूप से एक मज़दूर वर्ग का शहर है। 16 दिसंबर 2025 को, कामगार संगठन संयुक्त कृति समिति के बैनर तले, केंद्र सरकार द्वारा 21 नवंबर 2025 को नोटिफ़ाई […] - [बीमा क्षेत्र में 100% FDI के खिलाफ बैंक और बीमा यूनियनों के आंदोलन के प्रति AITUC की एकजुटता](https://hindi.aifap.org.in/15927/): ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (AITUC) का प्रेस वक्तव्य बैंकिंग और बीमा क्षेत्र की ट्रेड यूनियनें संसद के दोनों सदनों में कुछ दिन पहले पारित हुए सबका बीमा सबकी रक्षा (बीमा क़ानूनों में संशोधन) विधेयक, 2025 की निंदा करते हुए देशभर में प्रदर्शन कर रही हैं। देश के अन्य क्षेत्रों की श्रमिक यूनियनें तथा केंद्रीय ट्रेड यूनियनें भी इस नए विधेयक का तीव्र विरोध व्यक्त कर रही हैं और इसे जन-विरोधी तथा राष्ट्र-विरोधी बता रही हैं। AIFAP ने अतीत में बैंकिंग और बीमा क्षेत्र के निजीकरण के विरोध में कई ऑनलाइन बैठकें आयोजित की हैं। हम नीचे 18 दिसंबर 2025 […] - [AISMA की केंद्रीय परिषद की बैठक ने एक बार फिर भारतीय रेल के स्टेशन मास्टरों के लंबे समय से लंबित मुद्दों को उजागर किया](https://hindi.aifap.org.in/15922/): AISMA की केंद्रीय परिषद बैठक (CCM) के प्रस्ताव हाल ही में, 13 दिसंबर 2025 को, ऑल इंडिया स्टेशन मास्टर्स एसोसिएशन (AISMA) की केंद्रीय परिषद् की बैठक (CCM) विशाखापत्तनम में हुई। CCM में कई प्रस्ताव पास किए गए, जो नीचे दिए गए हैं। यह ध्यान रखना ज़रूरी है कि CCM के प्रस्तावों में रेलवे प्रशासन को चेतावनी दी गई है कि वे पिछले कई सालों से स्टेशन मास्टर्स द्वारा उठाई जा रही मांगों को पूरा करने के लिए हड़ताल सहित कई कड़े कार्रवाई कार्यक्रम चलाएंगे। पूरे भारत में स्टेशन मास्टर्स (SM) कैडर में बहुत सारी रिक्तियां हैं। पिछले कुछ सालों में, […] - [बीमा क्षेत्र में 100% एफडीआई के विरोध में बैंक और बीमा कर्मचारी एवं अधिकारी 18 दिसंबर 2025 को संयुक्त प्रदर्शन करेंगे](https://hindi.aifap.org.in/15918/): बैंक और बीमा कर्मचारियों और अधिकारियों के संघों का संयुक्त परिपत्र (अंग्रेजी परिपत्र का अनुवाद) ऑल इंडिया बैंक एम्प्लॉइज़ एसोसिएशन ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कॉन्फेडरेशन नेशनल कॉन्फेडरेशन ऑफ बैंक एम्प्लॉइज़ फेडरेशन ऑफ एलआईसी क्लास I ऑफिसर्स’ एसोसिएशन्स ऑल इंडिया इंश्योरेंस एम्प्लॉइज़ एसोसिएशन जनरल इंश्योरेंस एम्प्लॉइज़ ऑल इंडिया एसोसिएशन ऑल इंडिया एलआईसी एम्प्लॉइज़ फेडरेशन ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स’ एसोसिएशन 16 दिसंबर, 2025 संयुक्त अपील – 100% FDI का प्रतिरोध करें ! केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने आज लोकसभा में बीमा क़ानून (संशोधन) विधेयक, 2025 प्रस्तुत किया। इस विधेयक को भ्रामक रूप से “सबका बीमा सबकी रक्षा (बीमा क़ानूनों का […] - [मज़दूरों की यूनियनें और फ़ेडरेशनों द्वारा श्रम संहिताओं के खिलाफ़ संघर्ष को और तेज़ किया जाएगा](https://hindi.aifap.org.in/15912/): केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और सेक्टरल फेडरेशन/एसोसिएशनों के संयुक्त मंच द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति प्रेस विज्ञप्ति की मुख्य बातें: संयुक्त मंच चारों श्रम संहिताओं को वापस लेने तक संघर्ष को चरणबद्ध रूप से तेज़ करने का संकल्प लेता है। CTUs फरवरी 2026 में देशव्यापी प्रत्यक्ष कार्रवाई सहित आम हड़ताल का आह्वान करेंगे। CTUs SKM (संयुक्त किसान मोर्चा) के साथ समन्वय करेंगे, जो MSP, कर्ज माफी आदि अपनी मूल मांगों तथा बीज विधेयक और बिजली संशोधन विधेयक 2025 के खिलाफ संघर्ष कर रहा है। संयुक्त मंच ने मांग की कि सरकार को इंडिगो प्रकरण से सबक लेना चाहिए और बिजली, पेट्रोलियम, रेलवे, […] - [श्री सूरज कुमार, ऑल इंडिया एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियरिंग यूनियन (AIAMEU) के उप महासचिव, द्वारा 7 दिसंबर 2025 को AIFAP द्वारा आयोजित “चार लेबर कोड रद्द करें” विषय पर ऑनलाइन बैठक में हस्तक्षेप](https://hindi.aifap.org.in/15909/) - [भारत के कई राज्यों में सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं के निजीकरण के खिलाफ जनता का विरोध बढ़ता जा रहा है](https://hindi.aifap.org.in/15902/): जन हक संघर्ष समिति और अस्पताल बचाओ निजीकरण हटाओ संघर्ष समिति मुंबई की कार्यकर्ता संजना की रिपोर्ट भारत के कई राज्यों में सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं के निजीकरण के खिलाफ जनता का विरोध बढ़ता जा रहा है। जन हक संघर्ष समिति एवं अस्पताल बचाओ निजीकरण हटाओ संघर्ष समिति मुंबई,कार्यकर्ता संजना की रिपोर्ट पिछले कुछ महीनों में, भारत के कई राज्यों में सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं के निजीकरण के विरोध में लोग बड़ी संख्या में सड़कों पर उतरे हैं। उनके द्वारा उठाए गए प्रमुख मुद्दों में से एक विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा सरकारी अस्पतालों को निजी संस्थाओं को सौंपने के प्रयास हैं। पिछले […] - [मज़दूर और किसान ड्राफ्ट इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 के खिलाफ़ मिलकर कैंपेन, बड़े कन्वेंशन और रैलियां करेंगे](https://hindi.aifap.org.in/15899/): नेशनल कोऑर्डिनेशन कमेटी ऑफ इलेक्ट्रिसिटी एम्प्लॉइज एंड इंजीनियर्स (NCCOEEE) की प्रेस रिलीज दिनांक: 14 दिसंबर 2025 प्रेस विज्ञप्ति एक ऐतिहासिक बैठक में, नेशनल कोऑर्डिनेशन कमेटी ऑफ इलेक्ट्रिसिटी एम्प्लॉयीज एंड इंजीनियर्स (एनसीसीओईईई), केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के संयुक्त मंच, और संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) के राष्ट्रीय नेतृत्व ने 14 दिसंबर 2025 को बीटी रणदीवे भवन, नई दिल्ली में बैठक की। यह बैठक बिजली क्षेत्र के प्रमुख हितधारकों – कर्मचारियों और उपभोक्ताओं – के बीच व्यापक एकता और समन्वित कार्रवाई बनाने के लिए बुलाई गई थी, ताकि देश के बिजली के अधिकार और ऊर्जा सुरक्षा की रक्षा की जा सके। बैठक की अध्यक्षता […] - [असम में बिजली उपभोक्ता जनविरोधी बिजली (संशोधन) विधेयक 2025 के खिलाफ एक बड़ा राज्यव्यापी आंदोलन खड़ा करेंगे](https://hindi.aifap.org.in/15892/): ऑल असम इलेक्ट्रिसिटी कंज्यूमर्स एसोसिएशन (AIECA) की रिपोर्ट 8 दिसंबर 2025 को गुवाहाटी के बिष्णु निर्मला भवन में ऑल असम इलेक्ट्रिसिटी कंज्यूमर्स एसोसिएशन ने एक बिजली उपभोक्ता सम्मेलन किया, जिसमें जनविरोधी विद्युत् (संसोधन) बिल 2025 के खिलाफ पूरे राज्य में एक बड़ा आंदोलन खड़ा करने का वादा किया गया। सम्मेलन की अध्यक्षता जाने–माने ट्रेड यूनियन नेता श्री अजीत आचार्य ने की। सम्मेलन में उपस्थित वक्ताओं में संगठन के सलाहकार बिमल दास, इंजीनियर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष बिक्रमादित्य दास, बिजली कर्मचारी, इंजीनियर और पेंशनभोगी समन्वय समिति के सलाहकार प्रमोद चंद्र दास, ट्रेड यूनियन नेता दीपक कुमार साहा और ऑल असम कंज्यूमर्स एसोसिएशन के […] - [कॉमरेड क्लिफ्टन डी'रोज़ारियो, ऑल इंडिया सेंट्रल काउंसिल ऑफ़ ट्रेड यूनियंस (AICCTU) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, द्वारा 7 दिसंबर 2025 को AIFAP द्वारा आयोजित “चार लेबर कोड रद्द करें” विषय पर ऑनलाइन बैठक में भाषण](https://hindi.aifap.org.in/15889/) - [कॉमरेड कृष्णा भोयर, ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ़ इलेक्ट्रिसिटी एम्प्लॉइज (AIFEE) के उप महासचिव और महाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी वर्कर्स फेडरेशन (MSEWF) के महासचिव, द्वारा 7 दिसंबर 2025 को AIFAP द्वारा आयोजित “चार लेबर कोड रद्द करें” विषय पर ऑनलाइन बैठक में भाषण](https://hindi.aifap.org.in/15886/) - [श्री. संतोष कुमार, मज़दूर एकता कमेटी (MEC), द्वारा 7 दिसंबर 2025 को AIFAP द्वारा आयोजित “चार लेबर कोड रद्द करें” विषय पर ऑनलाइन बैठक में भाषण](https://hindi.aifap.org.in/15880/) - [श्री. एम. शनमुगम, सांसद (DMK) और लेबर प्रोग्रेसिव फेडरेशन के महासचिव, द्वारा 7 दिसंबर 2025 को AIFAP द्वारा आयोजित “चार लेबर कोड रद्द करें” विषय पर ऑनलाइन बैठक में भाषण](https://hindi.aifap.org.in/15877/) - [AIFAP के नए सदस्य का स्वागत है](https://hindi.aifap.org.in/15874/) - [मानव अधिकार दिवस पर मुंबई के यात्रियों ने सस्ती सार्वजनिक परिवहन सेवा और BEST के निजीकरण पर रोक की मांग की](https://hindi.aifap.org.in/15870/): आमची मुंबई आमची BEST और अन्य संगठनों द्वारा बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) आयुक्त को सौंपा गया मांग-पत्र 10 दिसंबर 2025 को, मुंबई में यात्रियों ने एक प्रदर्शन किया और नगर निगम (BMC) से शहर की BEST सार्वजनिक बस सेवा के बढ़ते निजीकरण को रोकने और हाल ही में किराए में की गई बढ़ोतरी को वापस लेने की अपील की। ​​उन्होंने कहा कि निजी लीज़ पर बसें लेने से खर्च कम नहीं हुआ है; बल्कि, इससे सेवाओं में बार-बार रुकावटें आई हैं और सुरक्षा कम हुई है। साथ ही, यात्रियों ने यह भी जोर देकर कहा कि BEST की जमीनों को निजी […] - [डॉ. ए. मैथ्यू, सर्व हिंद निजीकरण विरोधी फोरम (AIFAP) के संयोजक और कामगार एकता कमिटी (KEC) के सचिव, 7 दिसंबर 2025 को AIFAP द्वारा आयोजित “चार लेबर कोड रद्द करें” विषय पर ऑनलाइन बैठक में परिचयात्मक भाषण](https://hindi.aifap.org.in/15866/) - [कॉमरेड अमरजीत कौर, ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (AITUC) की महासचिव, द्वारा 7 दिसंबर 2025 को AIFAP द्वारा आयोजित “चार लेबर कोड रद्द करें” विषय पर ऑनलाइन बैठक में भाषण](https://hindi.aifap.org.in/15863/) - [उत्तर प्रदेश के बिजली कर्मचारी निजीकरण के खिलाफ अपना आंदोलन जारी रखेंगे, एक्शन प्लान का ऐलान किया](https://hindi.aifap.org.in/15859/): विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश की रिपोर्ट निजीकरण और उत्पीड़नात्मक कार्यवाहियों को समाप्त कराने हेतु विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश के केन्द्रीय पदाधिकारियों और समस्त जनपदों और परियोजनाओं के संयोजकों/ सह संयोजकों की लखनऊ में 07 दिसम्बर, 2025 को हुई बैठक में सर्वसम्मति से लिए गए निर्णय – निजीकरण के विरोध में पूर्ववत आंदोलन जारी रहेगा। निजीकरण का एकतरफा टेंडर होते ही सामूहिक जेल भरो आदांलन प्रारंभ कर दिया जाएगा। निजीकरण और उत्पीड़नात्मक कार्यवाहियों के विरोध में जनपदों और परियोजनाओं पर मोबिलाईजेशन हेतु व्यापक दौरे के कार्यक्रम बनाएं जाएंगे। 01 जनवरी 2026 को आंदोलन के 400 […] - [निजीकरण और अन्य हमलों के विरुद्ध संघर्ष एक नजर में: नवंबर 2025](https://hindi.aifap.org.in/15856/) - [लोको पायलटों ने चेतावनी दी कि थकान विज्ञान (fatigue science) से समझौता नहीं किया जा सकता: भारतीय रेलवे को फटीग रिस्क मैनेजमेंट सिस्टम अपनाना चाहिए!](https://hindi.aifap.org.in/15853/): ऑल इंडिया लोको रनिंग स्टाफ एसोसिएशन (AILRSA) की प्रेस रिलीज़ इस प्रेस रिलीज़ में, लोको पायलटों ने ज़ोर देकर कहा है कि इंडियन रेलवे को फटीग रिस्क मैनेजमेंट सिस्टम (FRMS) पर आधारित नियमों को सख्ती से लागू करने की तुरंत ज़रूरत है। उन्होंने बताया है कि इंडिगो एयरलाइंस से जुड़ा हालिया मामला दिखाता है कि जब बड़ी, ताकतवर निजी कंपनियाँ उनका विरोध करती हैं तो सुरक्षा से जुड़े नियमों को आसानी से नज़रअंदाज़ कर दिया जाता है और सरकारें उनकी इच्छाओं के आगे झुक जाती हैं। विमानन क्षेत्र का यह विवाद भारतीय रेल के लोको पायलटों द्वारा झेली जा रही […] - [अखिल भारतीय किसान मजदूर सभा ने बिजली (संशोधन) बिल 2025 और नए बीज बिल 2025 की निंदा की](https://hindi.aifap.org.in/15850/): अखिल भारतीय किसान मजदूर सभा (AIKMS) की अपील अखिल भारतीय किसान मजदूर सभा (AIKMS) ने 8 दिसंबर 2025 की अपनी अपील में देश के सभी मेहनतकश लोगों और किसानों से अपील की है कि वे हर गांव में बिजली (संशोधन) बिल 2025 (EAB 2025) और नए बीज बिल (NSB) के ड्राफ्ट की कॉपियां जलाएं। अपील में बताया गया है कि EAB 2025 कैसे आम लोगों को अंधेरे में धकेल देगा। एक बार जब यह बिल कानून बन जाएगा, तो इससे बिजली वितरण प्राइवेट कंपनियों को सौंपना आसान हो जाएगा, जिससे काम करने वाले लोगों और किसानों के लिए बिजली के […] - [AIFAP बैठक में बिजली क्षेत्र के सभी श्रमिकों और भारत के सभी मेहनतकश लोगों से बिजली (संशोधन) विधेयक 2025 का कड़ा विरोध करने का आह्वान किया गया](https://hindi.aifap.org.in/15847/): कामगार एकता कमेटी (KEC) संवाददाता की रिपोर्ट सर्व हिंद निजीकरण विरोधी फ़ोरम (AIFAP) ने 9 नवंबर 2025 को “मज़दूर विरोधी, किसान विरोधी और समाज विरोधी बिजली (संशोधन) विधेयक 2025 का विरोध करें” विषय पर एक महत्वपूर्ण अखिल भारतीय बैठक का आयोजन किया। इस बैठक में पूरे भारत से लगभग 400 लोगों ने भाग लिया। इस बैठक की अध्यक्षता डॉ. ए. मैथ्यू, संयोजक, AIFAP और सचिव, कामगार एकता कमेटी ने की और श्री शैलेन्द्र दुबे, अध्यक्ष, ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन (AIPEF) और संयोजक, विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश, डॉ. दर्शन पाल, अध्यक्ष, क्रांतिकारी किसान यूनियन (KKU) और समन्वय […] - [मुंबई डिवीज़न के लोको पायलटों ने भूख हड़ताल रखी, यात्रियों के बीच काम के हालात के बारे में जागरूकता फैलाई](https://hindi.aifap.org.in/15839/): ऑल इंडिया लोको रनिंग स्टाफ एसोसिएशन (AILRSA) के मुंबई डिवीजन की तस्वीरें और पत्रक 2 दिसंबर 2025 को देशभर के लोको पायलटों ने अत्यधिक कार्य–घंटों का विरोध करने और उचित विश्राम मानदंडों की मांग को लेकर दो दिवसीय भूख हड़ताल शुरू की। मुंबई मंडल में एक महत्वपूर्ण जनसंपर्क पहल की गई: अपने भूख हड़ताल के दौरान लोको पायलटों ने रोज़ाना यात्रा करने वाले यात्रियों के बीच पर्चे बाँटकर समझाया कि वे यह हड़ताल क्यों कर रहे हैं। इन पर्चों के माध्यम से लोको पायलटों ने अपनी दयनीय कार्य स्थितियों और लंबे समय से लंबित जायज़ मांगों के बारे में जागरूकता […] - [मज़दूर यूनियनों ने चार लेबर कोड के खिलाफ़ दिल्ली में बड़ा एकजुट प्रदर्शन किया | वीडियो सौजन्य: विकल्प वाणी](https://hindi.aifap.org.in/15836/):       - [48 घंटे ड्यूटी! रेलवे स्टाफ की भारी कमी! 2 दिसंबर 2025 को लोको पायलटों की 48 घंटे की भूख हड़ताल | वीडियो सौजन्य: विकल्प वाणी](https://hindi.aifap.org.in/15830/) - [सेंट्रल रेलवे लोको रनिंग स्टाफ ने अपनी लंबित जायज मांगों के लिए 48 घंटे का उपवास किया](https://hindi.aifap.org.in/15823/): ऑल इंडिया लोको रनिंग स्टाफ एसोसिएशन (AILRSA) से प्राप्त रिपोर्ट मुंबई कल्याण पनवेल - [मज़दूर–विरोधी श्रम संहिताओं को हम रद्द करवाकर ही दम लेंगे](https://hindi.aifap.org.in/15820/): ईस्टर्न रेलवेमेंस यूनियन की घोषणा. श्रम कोड श्रमिक वर्ग के एकजुट व्यापक प्रतिरोध से ही इन कानूनों को रद्द करवाना हमारा मार्ग है। बीएमएस को छोड़कर देश की लगभग सभी केंद्रीय ट्रेड यूनियनों की तीखी आपत्तियों के बावजूद, सरकार ने जबरदस्ती श्रम संहिताओं को लागू कर दिया। सरकार दावा करती है कि यह फैसला उन्होंने ट्रेड यूनियनों के साथ लंबी बातचीत के बाद लिया है। लेकिन वास्तविकता यह है कि यह दावा पूरी तरह असत्य है—इस विषय पर कोई भी सार्थक या गंभीर चर्चा नहीं हुई। श्रम कानूनों में बदलाव की योजना मोदी सरकार के कार्यकाल में 2017–18 से ही […] - [भारतीय रेलवे के लोको पायलटों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर 2 दिसंबर को पूरे देश में 48 घंटे का भूख हड़ताल शुरू करी](https://hindi.aifap.org.in/15802/): आल इंडिया लोको रनिंग स्टाफ एसोसिएशन (AILRSA) से प्राप्त रिपोर्ट विजयवाड़ा अंडल,पू.रेलवे अंबाला, उ.रेलवे हुबली हापा,प.रेलवे झांसी,उ.म.रेलवे लुमडिंग,उ.फ्र.रेलवे मदुरै,द.रेलवे मालदा,पू.रेलवे पनवेल,म. रेलवे संबलपुर, पू.को. रेलवे फुलेरा,उ.प. रेलवे शोरनूर, द.रेलवे सुरेन्द्रनगर, प.रेलवे त्रिची, द.रेलवे पनवेल,म.रेलवे - [ईस्टर्न रेलवे कर्मियों ने श्रम संहिताओं को लागू करने के विरोध में कोलकाता में प्रदर्शन किया](https://hindi.aifap.org.in/15790/): ईस्टर्न रेलवेमेंस यूनियन से प्राप्त रिपोर्ट - [भारतीय रेलवे के लोको पायलट 48 घंटे के भूक उपवास पर क्यों? - AILRSA](https://hindi.aifap.org.in/15786/) - [ईस्टर्न रेलवे कर्मियों ने श्रम संहिताओं को लागू करने के विरोध में कोलकाता में प्रदर्शन किया](https://hindi.aifap.org.in/15780/): ईस्टर्न रेलवेमेंस यूनियन से प्राप्त रिपोर्ट - [दक्षिण पूर्व रेलवे के रनिंग स्टाफ ने लगातार हो रही ट्रैकमैन्टेनरों की मौत पर चिंता व्यक्त की और सभी ट्रैकमैन्टेनरों को रक्षक यात्रा प्रदान करने की माँग की](https://hindi.aifap.org.in/15776/): ऑल इंडिया लोको रनिंग स्टाफ एसोसिएशन, दक्षिण पूर्व रेलवे का प्रेस रिलीज   - [सेंट्रल रेलवे के कर्मचारियों ने नए श्रम संहिताओं के कार्यान्वयन की एकतरफा घोषणा के खिलाफ CTU द्वारा बुलाए गए अखिल भारतीय विरोध के समर्थन में प्रदर्शन किया](https://hindi.aifap.org.in/15772/): नेशनल रेलवे मजदूर यूनियन (NRMU) की रिपोर्ट सेंट्रल रेलवे के हजारों कर्मचारियों ने 26 नवंबर को अखिल भारतीय विरोध के लिए केंद्रीय ट्रेड यनीयनों (CTUs) के आह्वानके समर्थन में माटुंगा, मुंबई के रेलवे कार्यशाला में प्रदर्शन किया। उनका विरोध नए चार श्रम संहिताओं के कार्यान्वयन की घोषणा के खिलाफ था। - [AIECA ने 2025 के ड्राफ्ट बिजली (संशोधन) विधेयक की बड़ी संख्या में प्रावधानों का विरोध किया और ड्राफ्ट विधेयक को वापस लेने की मांग की](https://hindi.aifap.org.in/15769/): ऑल इंडिया इलेक्ट्रिसिटी कंज़्यूमर्स एसोसिएशन (AIECA) का भारत सरकार के ऊर्जा मंत्री को पत्र। (अंग्रेजी पत्र का अनुवाद) 26 नवंबर, 2025 प्रति माननीय विद्युत मंत्री, विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार, श्रम शक्ति भवन, नई दिल्ली – 700001 संदर्भ: 42/6/2011 – आर एंड आर (खंड – IX), भारत सरकार, विद्युत मंत्रालय, दिनांक 9 अक्टूबर 2025। विषय: विद्युत संशोधन विधेयक 2025 के मसौदे पर टिप्पणियाँ/आपत्ति/सुझाव आदरणीय महोदय, हम, अपने संगठन – ऑल इंडिया इलेक्ट्रिसिटी कंज़्यूमर्स एसोसिएशन (AIECA), जो देश भर के विद्युत उपभोक्ताओं का प्रतिनिधित्व करने वाला एक व्यापक मंच है, की ओर से, देश के उपभोक्ताओं के हित में विद्युत संशोधन विधेयक […] - [नये श्रम संहिताएँ: पूँजी को स्वतंत्रता, श्रमिकों पर बोझ](https://hindi.aifap.org.in/15766/): वी.के. सिंह, अध्यक्ष, एटक, उत्तर प्रदेश द्वारा सरकार इन्हें सुधार कहती है। कॉरपोरेट घराने इन्हें प्रगति बताते हैं। परन्तु भारत के मेहनतकश वर्ग के लिए ये चार श्रम संहिताएँ सुधार नहीं – क्षरण हैं। दशकों की लड़ाई से अर्जित श्रमिक अधिकारों को मज़दूरों के हाथों से छीना जा रहा है। श्रम कानून, जिन्हें संघर्ष और बलिदान ने जन्म दिया था, उन्हें आज “Ease of Doing Business” के नाम पर कमजोर किया जा रहा है। असल में लागू की जा रही है Ease of Exploitation — शोषण की सुविधा। देशभर की ट्रेड यूनियनें सड़कों पर इसलिए हैं क्योंकि वे इस चमकदार […] - [उत्तर प्रदेश के बिजली कर्मियों के निजीकरण के विरोध में चल रहे संघर्ष के एक वर्ष पूरे होने पर राजधानी लखनऊ सहित प्रदेश के विभिन्न जनपदों में जोरदार विरोध प्रदर्शन](https://hindi.aifap.org.in/15758/): विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदश की रिपोर्ट चुनिंदा पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश में किए जा रहे बिजली के निजीकरण के विरोध में चल रहे संघर्ष के एक वर्ष पूरे होने पर राजधानी लखनऊ सहित प्रदेश के विभिन्न जनपदों में जोरदार तरीके से विरोध प्रदर्शन किया गया। विरोध प्रदर्शन में यह संकल्प व्यक्त किया कि जब तक निजीकरण का प्रस्ताव निरस्त नहीं किया जाता और बिजली कर्मियों पर की गई सभी उत्पीड़न की कार्रवाइयों को समाप्त नहीं किया जाता, तब तक संघर्ष जारी रहेगा। माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी से अनुरोध है कि […] - [मुंबई में श्रम संहिताओं का विरोध करने के लिए लड़ाकू प्रदर्शन का आयोजन](https://hindi.aifap.org.in/15754/): कामगार एकता कमिटी (KEC) संवाददाता की रिपोर्ट केन्द्रीय सरकार द्वारा श्रम संहिताओं के अधिसूचना का विरोध करने के लिए 26 नवंबर को महाराष्ट्र के कामगर कर्मचारी संगठन संयुक्त क्रुति समिति द्वारा आज़ाद मैदान, मुंबई में एक लड़ाकू प्रदर्शन आयोजित किया गया। CITU, HMS, BKS, INTUC, AICCTU, KEC और अन्य यूनियनों के नेताओं द्वारा मंच पर चार श्रम संहिता को सार्वजनिक रूप से फाड़कर कचरे के डिब्बे में डाला गया। नारे लगाए गए, “तीन, चार, एक, दो, श्रम संहिता को फेंक दो!” सैकड़ों श्रमिकों की सभा को CITU के वी.सी. मोंटेरो और सईद अहमद, HMS के संजय वाढवकर, त्रिशला कांबले और […] - [NCCOEEE ने यूपी बिजली कर्मचारियों के ऐतिहासिक संघर्ष के समर्थन में 27 नवंबर 2025 को राष्ट्रव्यापी एकजुटता प्रदर्शन आयोजित करने का आह्वान किया](https://hindi.aifap.org.in/15747/): नेशनल कोआर्डिनेशन कमिटी ऑफ़ इलेक्ट्रिसिटी एम्प्लाइज एंड इंजीनियर (NCCOEEE) का परिपत्र NATIONAL COORDINATION COMMITTEE OF ELECTRICITY EMPLOYEES & ENGINEERS B.T. RANADIVE BHAWAN, 13-A, ROUSE AVENUE, NEW DELHI -110 002, Mob. No.: 8800580584 / 8918372750 E-mail: nccoeee2000@gmail.com दिनांक: 20 नवंबर 2025 परिपत्र उत्तर प्रदेश विद्युत कर्मचारियों एवं अभियंताओं के ऐतिहासिक संघर्ष के समर्थन में 27 नवंबर 2025 को राष्ट्रव्यापी एकजुटता प्रदर्शन उत्तर प्रदेश के बिजली कर्मचारियों का संघर्ष अब एक वर्ष पूरा करने जा रहा है; यह संघर्ष 28 नवंबर 2024 को उत्तर प्रदेश सरकार और उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन द्वारा दक्षिणांचल और पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के निजीकरण के […] - [निजीकरण के विरोध में "संघर्ष का एक साल - बेमिसाल" - विद्युत् कर्मचारी संयुक्त कृति समिति उ.प्र.](https://hindi.aifap.org.in/15740/) - [KITU ने कर्नाटक सरकार के IT/ITES कंपनियों को श्रम कानून अनुपालन का स्व-प्रमाणन करने की अनुमति देने के फैसले का विरोध किया](https://hindi.aifap.org.in/15737/): कर्नाटक स्टेट IT/ITES एम्प्लोयीज यूनियन (KITU) की प्रेस विज्ञप्ति कर्नाटक स्टेट IT/ITES एम्प्लोयीज यूनियन पंजीकरण एएलसी-बैंगलोर-04/टीयूए/पंजीकरण/सीआर-17/2017-18 20-11-2025 प्रेस विज्ञप्ति केआईटीयू श्रम कानूनों के अनुपालन के लिए स्व-प्रमाणन का विरोध करता है; कर्नाटक सरकार द्वारा श्रम कानूनों को लागू करने की अपनी ज़िम्मेदारी से पीछे हटना अस्वीकार्य है। श्रम अधिकारों को निवेश आकर्षित करने या कॉर्पोरेट लॉबी को खुश करने के लिए सौदेबाजी के हथकंडे के रूप में नहीं देखा जा सकता। कर्नाटक स्टेट IT/ITES एम्प्लोयीज यूनियन (KITU) कर्नाटक सरकार के उस फैसले का कड़ा विरोध करता है जिसमें सभी आईटी और आईटीईएस कंपनियों को श्रम कानून अनुपालन के लिए स्व-प्रमाणन […] - [आठवें केंद्रीय वेतन आयोग की संदर्भ शर्तें: पेंशनभोगियों के अधिकारों पर एक बड़ा हमला, न्याय और निष्पक्षता से एक खतरनाक विचलन](https://hindi.aifap.org.in/15734/): के.डी. सेबेस्टियन, CHQ अध्यक्ष, संचार निगम पेंशनर्स वेलफ़ेअर एसोसिएशन द्वारा (SNPWA) (अंग्रेजी लेख का अनुवाद) आठवें केंद्रीय वेतन आयोग (CPC) की हाल ही में जारी की गई संदर्भ शर्तें (टर्म्स ऑफ रेफरेंस -TOR) लाखों केंद्र सरकार के पेंशनभोगियों के लिए एक बड़ा झटका है। उन्हें “अनफंडेड, गैर-अंशदायी पेंशनभोगी” बताकर, सरकार ने सेवानिवृत्त लोक सेवकों की एक पीढ़ी को वित्तीय बोझ और राजकोष पर बोझ के रूप में कलंकित कर दिया है – यह रवैया न केवल कृतघ्न है, बल्कि एक कल्याणकारी राज्य के लिए बेहद अनुचित भी है। कार्यवृत्त में प्रयुक्त यह शब्दावली शब्दार्थ का मामला नहीं है – यह […] - [चार श्रम संहिताएँ: मजदूर वर्ग का संघर्ष और श्रमिक अधिकारों पर खतरा](https://hindi.aifap.org.in/15731/): श्री सोमनाथ मालिक, केंद्रीय अध्यक्ष, इंडिएं रेलवे कॉन्ट्रेक्ट वर्कर्स फेडरेशन, नई दिल्ली, एवं अध्यक्ष उत्तरीय रेलवे मजदूर यूनियन, प्रेस सचिव (NFIR) द्वारा भारत सरकार ने 2019 और 2020 में “Ease of Doing Business” के नाम पर आज़ादी से पहले और बाद के संघर्षों के आधार पर बने 44 केंद्रीय श्रम कानूनों में से 29 श्रम कानूनों को समाप्त कर चार नई श्रम संहिताएँ लागू करने की घोषणा की। इन संहिताओं का उद्देश्य कानूनों का सरलीकरण बताया गया, लेकिन वस्तुतः यह श्रमिक अधिकारों का संकुचन, मजदूरों को असंगठित करने का प्रयास, और पूंजीपतियों को खुली छूट देने वाली पहल है। देश […] - [लेबर कोड्स का नोटिफिकेशन - देश के मेहनतकश लोगों के साथ एक धोखा!](https://hindi.aifap.org.in/15726/): ट्रेड यूनियनों का जॉइंट प्लेटफॉर्म 26 नवंबर को कड़े विरोध का आह्वान करता है 10 सेंट्रल ट्रेड यूनियनों के जॉइंट प्लेटफॉर्म की प्रेस विज्ञप्ति (अंग्रेजी प्रेस विज्ञप्ति का अनुवाद) प्रेस विज्ञप्ति 10 सेंट्रल ट्रेड यूनियनों के जॉइंट प्लेटफॉर्म की शुरुआती प्रतिक्रिया के तौर पर आज, 21 नवंबर 2025 को यह जॉइंट स्टेटमेंट जारी किया गया: लेबर कोड्स का नोटिफिकेशन – देश के मेहनतकश लोगों के साथ एक धोखा! ट्रेड यूनियनों का जॉइंट प्लेटफॉर्म 26 नवंबर को कड़े विरोध का आह्वान करता है सेंट्रल ट्रेड यूनियनों का जॉइंट प्लेटफॉर्म, आज से मज़दूर-विरोधी, मालिक-समर्थक लेबर कोड्स को खुलेआम एकतरफ़ा लागू करने की […] - [लोको रनिंग कर्मचारी 2 दिसंबर 2025 को अपनी न्यायोचित, मानवीय और सुरक्षित एवं कुशल रेलवे संचालन के लिए आवश्यक माँगों के लिए 48 घंटे का सामूहिक उपवास करेंगे](https://hindi.aifap.org.in/15722/): ऑल इंडिया लोको रनिंग स्टाफ एसोसिएशन (AILRSA) का संदेश प्रिय साथियों, 2 दिसंबर 2025 को, CWC/AILRSA के निर्णय के अनुसार, भारतीय रेलवे के लोको रनिंग कर्मचारी अपने-अपने क्रू लॉबी के सामने 48 घंटे के राष्ट्रव्यापी उपवास पर रहकर देश भर में एकजुट होंगे। यह न केवल हमारे कल्याण की रक्षा के लिए, बल्कि हम पर निर्भर लाखों यात्रियों की सुरक्षा के लिए भी एक ऐतिहासिक और शांतिपूर्ण आंदोलन है। हमारी माँगें न्यायोचित, मानवीय और सुरक्षित एवं कुशल रेलवे संचालन के लिए आवश्यक हैं: लोको रनिंग कर्मचारियों पर लगाए गए अत्यधिक ड्यूटी घंटों को कम करें। वैज्ञानिक और परिचालन आवश्यकताओं के […] - [एटक ने सरकार की केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के प्रति उदासीनता की निंदा करी](https://hindi.aifap.org.in/15719/): ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कॉंग्रेस (एटक) की प्रेस विज्ञप्ति प्रेस विज्ञप्ति आज – 4 नवंबर, 2025 को एटक की जनरल सेक्रेटरी सुश्री अमरजीत कौर, द्वारा प्रेस को जारी किया गया निम्नलिखित बयान – मोदी सरकार ने 69 लाख पेंशनर्स और फैमिली पेंशनर्स को 8वें केंद्रीय वेतन आयोग के दायरे से बाहर रखकर उनके साथ धोखा किया है! सरकार मौजूदा पेंशनर्स के भविष्य के बारे में फैसला करने के लिए वित्त विधेयक के माध्यम से संसद में ली गई वैलिडेशन अथॉरिटी का फायदा उठा रही है! एटक, मोदी सरकार की केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के प्रति उदासीनता की निंदा करता है! […] - [सार्वजनिक डाक सेवा को बेहतर बनाने के लिए रेलवे मेल सर्विस (RMS) और मोटर मेल सर्विस (MMS) को बचाएं](https://hindi.aifap.org.in/15714/): ऑल इंडिया आरएमएस और एमएमएस एम्प्लॉइज यूनियन का आह्वान और आंदोलन नोटिस (अग्रेजी नोटिस का अनुवाद) Mob: GS R-111-9811213808 GS R-lV-9849302431 आल इंडिया आरएमएस और एमएमएस एम्प्लाइज यूनियन ग्रुप -‘C’ आल इंडिया आरएमएस और एमएमएस एम्प्लाइज यू नियन एमजी और एमटीएस ग्रुप -‘C’ केंद्रीय मुख्यालय आर-III-17/4 सी, पी एंड टी कॉलोनी, काली बारी मार्ग, नई दिल्ली – 110001 आर-IV-MS 1/22 पी एंड टी क्वार्टर्स, अतुल ग्रोव रोड, नई दिल्ली-110001 ईमेल : riiichq@gmail.com, rms4chq@gmail.com सं: R-III & IV/Agitation/2025                                                […] - [उत्तर प्रदेश के बिजली कर्मचारियों और इंजीनियरों के वीरतापूर्ण संघर्ष के एक वर्ष पूरे हुए!](https://hindi.aifap.org.in/15711/): कामगार एकता कमिटी (केईसी) संवाददाता की रिपोर्ट 18 नवंबर 2025 को उत्तर प्रदेश के बिजली कर्मचारियों और इंजीनियरों के वीरतापूर्ण संघर्ष का एक वर्ष पूरा हो गया। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश (UPVKSSS) के नेतृत्व में, कर्मचारी दो राज्य विद्युत वितरण कंपनियों: पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (PUVVNL) और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (DVVNL) के प्रस्तावित निजीकरण के विरुद्ध लगातार आंदोलन कर रहे हैं। कामगार एकता कमिटी (KEC) इस महत्वपूर्ण संघर्ष की सराहना करती है और उसके साथ एकजुटता में खड़ी है! उत्तर प्रदेश के बिजली कर्मचारी न केवल अपनी आजीविका बचाने के लिए, बल्कि उपभोक्ताओं, किसानों […] - [राजस्थान के सरकारी कर्मचारी अपनी मांगों के लिये संघर्ष कर रहे हैं](https://hindi.aifap.org.in/15708/): मज़दूर एकता कमेटी के संवाददाता की रिपोर्ट अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ की अगुवाई में 5 से 30 नवंबर के बीच, पूरे राजस्थान के 42 जिलों और 300 तहसीलों पर 11 सूत्री मांगों को लेकर संघर्ष की तैयारी के लिए संघर्ष चेतना यात्रा जयपुर से प्रारंभ हुई। कर्मचारियों की मुख्य मांगें हैं: राजस्थान में पुरानी पेंशन योजना यथावत रखी जाये। राज्य सरकार, बोर्ड, निगम, स्वायत्तशाषी संस्थाओं, पंचायतीराज एवं सहकारी संस्थाओं में कार्यरत कर्मियों के लिये समान काम, समान वेतन की नीति लागू करके पूर्व के वेतनमानों में विभिन्न विसंगतियों का निराकरण करके, कर्मियों का न्यूनतम वेतन 20 हजार रुपये […] - [AIFAP के नवीन सदस्य का स्वागत](https://hindi.aifap.org.in/15705/) - [AIFAP के नवीन सदस्य का स्वागत](https://hindi.aifap.org.in/15702/) - [स्वास्थ्य क्षेत्र में रोज़ी-रोटी की सुरक्षा के अधिकार पर बैठक](https://hindi.aifap.org.in/15699/): मज़दूर एकता कमेटी के संवाददाता की रिपोर्ट “अनुबंध पर काम करने वाले डॉक्टरों और नर्सों को हर तरह की आपात स्थिति में सैकड़ों मरीजों की देखभाल करने के लिए बुलाया जाता है – फिर भी उन्हें ईएसआई जैसी स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित रखा जाता है और यहां तक कि मातृत्व अवकाश भी नहीं दिया जाता!”… ये वे शब्द थे जिनसे जन स्वास्थ्य अभियान की कार्यकर्ता सुश्री स्वाति राणे ने स्वास्थ्य क्षेत्र में अनुबंध पर काम कर रहे डॉक्टरों और नर्सों की स्थिति का वर्णन किया। वे 26 अक्तूबर को मज़दूर एकता कमेटी (एमईसी) द्वारा स्वास्थ्य क्षेत्र में रोज़ी-रोटी की सुरक्षा […] - [इंडियन ओवरसीज बैंक के कर्मचारी अपनी मांगों और नौकरियों की आउटसोर्सिंग के विरोध में 1 और 3 दिसंबर को दो दिन की हड़ताल पर रहेंगे](https://hindi.aifap.org.in/15694/): इंडियन ओवरसीज बैंक एम्प्लाइज यूनियन का आह्वान (अंग्रेजी आह्वान का अनुवाद) आल इंडिया ओवरसीज बैंक एम्प्लाइज यूनियन (NCBE से सम्बंधित) पंजीकृत संख्या 1026 दिनांक: 06/02/1949 (इंडियन ओवरसीज बैंक के प्रबंधन द्वारा मान्यता प्राप्त) प्रशासनिक कार्यालय: पोस्ट बैग संख्या 5231. 763, अन्ना सलाई, चेन्नई – 600 002. परिपत्र सं. 13/2025 तारीख: 10-11-202 प्रिय साथियों, संघर्ष और एकजुटता के लिए हमारा आह्वान! न्याय के लिए एकजुट मार्च – 1 और 2 दिसंबर 2025 को दो दिवसीय अखिल भारतीय हड़ताल “वोक्स पॉपुली, वोक्स देई” – जनता की आवाज़ ईश्वर की आवाज़ है। जब न्याय, निष्पक्षता और सम्मान के लिए कर्मचारियों की सामूहिक आवाज़ […] - [सरकार अडानी और अंबानी के फायदे के लिए बिजली उद्योगों का निजीकरण कर रही है - कॉमरेड मोहन शर्मा, महासचिव , आल इंडिया फेडरेशन ऑफ़ इलेक्ट्रिसिटी एम्प्लाइज](https://hindi.aifap.org.in/15690/): आल इंडिया फेडरेशन ऑफ़ इलेक्ट्रिसिटी एम्प्लाइज (AIFEE) के उप महासचिव कॉमरेड कृष्णा भोयर से प्राप्त रिपोर्ट 6 नवंबर, 2025 को उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रिसिटी एम्प्लाइज एसोसिएशन के 51वें प्रांतीय महाधिवेशन का शुभारंभ कामरेड जवाहरलाल विश्वकर्मा ने ध्वजारोहण करके किया। अधिवेशन का उद्घाटन आल इंडिया फेडरेशन ऑफ़ इलेक्ट्रिसिटी एम्प्लाइज के महासचिव मोहन शर्मा ने किया। उन्होंने राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय और क्षेत्रीय, विशेषकर देश के विभिन्न स्तरों पर ऊर्जा क्षेत्र के कर्मचारियों की समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की। केंद्र सरकार अंबानी और अडानी सरकारों को लाभ पहुँचाने के लिए बिजली विभाग और अन्य सरकारी विभागों का निजीकरण करने पर काम कर रही है। […] - [श्री गिरीश, कामगार एकता कमिटी (KEC) के संयुक्त सचिव, द्वारा 9 नवंबर 2025 को AIFAP द्वारा आयोजित “मज़दूर-विरोधी, किसान-विरोधी और समाज-विरोधी बिजली (संशोधन) विधेयक 2025 का विरोध करें” विषय पर ऑनलाइन बैठक में भाषण](https://hindi.aifap.org.in/15686/) - [श्री जे.एन. शाह, ऑल इंडिया लोको रनिंग स्टाफ एसोसिएशन (AILRSA) के केंद्रीय उपाध्यक्ष, द्वारा 9 नवंबर 2025 को AIFAP द्वारा आयोजित “मज़दूर-विरोधी, किसान-विरोधी और समाज-विरोधी बिजली (संशोधन) विधेयक 2025 का विरोध करें” विषय पर ऑनलाइन बैठक में भाषण](https://hindi.aifap.org.in/15683/) - [श्री के. वेणुगोपाल भट्ट, ऑल इंडिया इलेक्ट्रिसिटी कंज्यूमर्स एसोसिएशन, द्वारा 9 नवंबर 2025 को AIFAP द्वारा आयोजित “मज़दूर-विरोधी, किसान-विरोधी और समाज-विरोधी बिजली (संशोधन) विधेयक 2025 का विरोध करें” विषय पर ऑनलाइन बैठक में भाषण](https://hindi.aifap.org.in/15680/) - [श्री सी. श्रीकुमार, ऑल इंडिया डिफेंस एम्पलाइज फेडरेशन के महासचिव, द्वारा 9 नवंबर 2025 को AIFAP द्वारा आयोजित “मज़दूर-विरोधी, किसान-विरोधी और समाज-विरोधी बिजली (संशोधन) विधेयक 2025 का विरोध करें” विषय पर ऑनलाइन बैठक में भाषण](https://hindi.aifap.org.in/15677/) - [डॉ. दर्शन पाल, क्रांतिकारी किसान यूनियन के अध्यक्ष और संयुक्त किसान मोर्चा के समन्वय समिति सदस्य, द्वारा 9 नवंबर 2025 को AIFAP द्वारा आयोजित “मज़दूर-विरोधी, किसान-विरोधी और समाज-विरोधी बिजली (संशोधन) विधेयक 2025 का विरोध करें” विषय पर ऑनलाइन बैठक में भाषण](https://hindi.aifap.org.in/15674/) - [डॉ. ए. मैथ्यू, सर्व हिंद निजीकरण विरोधी फोरम (AIFAP) के संयोजक और कामगार एकता कमिटी (KEC) के सचिव, द्वारा 9 नवंबर 2025 को AIFAP द्वारा आयोजित “मज़दूर-विरोधी, किसान-विरोधी और समाज-विरोधी बिजली (संशोधन) विधेयक 2025 का विरोध करें” विषय पर ऑनलाइन बैठक में परिचयात्मक भाषण](https://hindi.aifap.org.in/15670/) - [श्री शैलेंद्र दुबे, विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति उत्तर प्रदेश के संयोजक और ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन (AIPEF) के अध्यक्ष, द्वारा 9 नवंबर 2025 को AIFAP द्वारा आयोजित “मज़दूर-विरोधी, किसान-विरोधी और समाज-विरोधी बिजली (संशोधन) विधेयक 2025 का विरोध करें” विषय पर ऑनलाइन बैठक में भाषण](https://hindi.aifap.org.in/15667/) - [पंजाब के बिजली कर्मचारियों, पेंशनभोगियों और किसानों ने बिजली संशोधन विधेयक 2025 और राज्य सरकार द्वारा PSPCL की जमीन की बिक्री के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया](https://hindi.aifap.org.in/15657/): कामगार एकता कमिटी (KEC) संवाददाता की रिपोर्ट पंजाब राज्य विद्युत निगम लिमिटेड (PSPCL) के कर्मचारियों, पेंशनरों और किसानों ने 2 नवंबर को बिजली संशोधन विधेयक 2025 और राज्य सरकार द्वारा PSPCL की जमीन की बिक्री के खिलाफ लुधियाना में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किया और बिजली मंत्री को एक ज्ञापन सौंपा। विरोध रैली में पीएसईबी इंजीनियर्स एसोसिएशन, पीएसईबी एम्प्लाइज जॉइंट फोरम, बिजली मुलाजिम एकता मंच पंजाब, एसोसिएशन ऑफ़ जूनियर इंजीनियर्स, ग्रिड सबस्टेशन एम्प्लाइज यूनियन, पावरकॉम और ट्रांसको पेंशनर्स यूनियन पंजाब ने भाग लिया तथा विभिन्न किसान और मजदूर संगठनों का भी भरपूर समर्थन प्राप्त हुआ। विभिन्न नेताओं ने कहा […] - [हरियाणा के बिजली कर्मचारियों ने बिजली संशोधन विधेयक 2025 और स्मार्ट मीटर का विरोध किया](https://hindi.aifap.org.in/15653/): कामगार एकता कमेटी (KEC) संवाददाता की रिपोर्ट इलेक्ट्रिसिटी एम्प्लॉइज फेडरेशन ऑफ इंडिया (EEFI) से संबद्ध ऑल हरियाणा पावर कॉर्पोरेशन वर्कर्स यूनियन ने 5 नवंबर को रोहतक में अपना राज्य स्तरीय सम्मेलन आयोजित किया। सम्मेलन में मुख्य रूप से बिजली (संशोधन) विधेयक 2025, स्मार्ट मीटरों के प्रभाव और सरकार की निजीकरण नीतियों पर चर्चा हुई। साथ ही, बिजली कर्मचारियों की वर्तमान स्थिति पर भी विचार-विमर्श किया गया। सम्मेलन को EEFI के महासचिव सुदीप दत्ता, किसान यूनियन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष इंद्रजीत सिंह, आल एम्प्लाइज यूनियन के राज्य मुख्य धर्मबीर फ़ोगाट, आल इंडिया स्टेट गवर्नमेंट एम्प्लाइज फेडरेशन के मुख्य सुभाष लांबा, ऑल हरियाणा […] - [NCCOEEE ने इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 का विरोध करने के लिए 30 जनवरी, 2026 को "चलो दिल्ली" का आह्वान किया](https://hindi.aifap.org.in/15650/): ऑल इंडिया पॉवर इंजीनियर्स फेडरेशन (AIPEF) का संदेश निजीकरण और इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 के विरोध में राष्ट्रव्यापी आन्दोलन का नेशनल कोऑर्डिनेशन कमिटी आफ इलेक्ट्रिसिटी इंप्लाइज एंड इंजीनियर्स (NCCOEEE) की मुंबई मीटिंग में फैसला लिया। बिजली कर्मी, संयुक किसान मोर्चा,आम उपभोक्ताओं और केन्द्रीय ट्रेड यूनियन महासंघों के साथ मोर्चा बनाकर सशक्त आन्दोलन करेंगे। 30 जनवरी 2026 को राजधानी दिल्ली में जंतर मंतर पर विशाल प्रदर्शन जिसमें देश के सभी प्रान्तों के बिजली कर्मी और इंजीनियर सम्मिलित होंगे। 30 जनवरी,2026 तक राज्यों में चल रही निजीकरण की प्रक्रिया न रोकी गई और इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 वापस न लिया गया तो […] - [बिजली उपभोक्ताओं ने बिजली क्षेत्र के निजीकरण और स्मार्ट मीटर लगाने जैसी उपभोक्ता-विरोधी नीतियों के खिलाफ संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।](https://hindi.aifap.org.in/15647/): अखिल भारतीय विद्युत उपभोक्ता संघ (AIECA) द्वारा आयोजित दक्षिण क्षेत्र के बिजली उपभोक्ताओं के सम्मेलन की रिपोर्ट वर्तमान विद्युत सुधार नीतियों के प्रति उपभोक्ताओं के एकजुट विरोध प्रदर्शन के रूप में, अखिल भारतीय विद्युत उपभोक्ता संघ (AIECA) ने 26 अक्टूबर, 2025 को दक्षिण क्षेत्र विद्युत उपभोक्ता सम्मेलन का आयोजन किया। बंगलौर के गांधी भवन में आयोजित यह सम्मेलन, चल रहे अखिल भारतीय विरोध आंदोलन का हिस्सा था। मुख्य माँगों में विद्युत संशोधन विधेयक 2025 के कठोर मसौदे को तत्काल वापस लेना, बिजली के निजीकरण को रोकना और स्मार्ट मीटरों की स्थापना पर रोक लगाना शामिल था। इस सम्मेलन में आंध्र […] - [AILRSA Pune Div BGP poster](https://hindi.aifap.org.in/15644/) - [रेलवे ट्रैकमेंटेनर्स ने 7 नवंबर को दिल्ली में 8-घंटे के ड्यूटी रोस्टर, पुरानी पेंशन योजना और उनके अन्य लंबित मांगों को लागू करने की मांग के लिए धरना दिया](https://hindi.aifap.org.in/15636/): ऑल इंडिया रेलवे ट्रैकमेंटेनर्स यूनियन (AIRTU) से प्राप्त रिपोर्ट   - [AILRSA Pune Div hinger fast poster](https://hindi.aifap.org.in/15632/) - [ट्रैकमैन्टेनेर्स ने सुरक्षित काम करने की स्थिति और प्रमोशन के मौके की मांग को लेकर 7 नवंबर 2025 को दिल्ली में धरना दिया | वीडियो क्रेडिट: विकल्प वाणी](https://hindi.aifap.org.in/15627/) - [मज़दूर-विरोधी, किसान-विरोधी और समाज-विरोधी विद्युत (संशोधन) विधेयक 2025 के मसौदे की निंदा करें](https://hindi.aifap.org.in/15623/): मज़दूर वर्ग और किसानों को एकजुट होकर बड़े इजारेदारों के फ़ायदे के लिए अपनी आजीविका पर इस नए हमले का विरोध करना होगा कामगार एकता कमिटी का वक्तव्य, 1 नवंबर 2025 9 अक्टूबर 2025 को, भारत सरकार ने विद्युत (संशोधन) विधेयक 2025 का मसौदा जारी किया। यह मसौदा विद्युत अधिनियम 2003 में एक संशोधन है। इसमें कई प्रावधान हैं, जिन्हें यदि भारतीय संसद द्वारा कानून के रूप में पारित कर दिया जाता है, तो यह सुनिश्चित होगा कि भारत के सबसे बड़े पूँजीपतियों की उद्योगों के लिए कम बिजली दरों की इच्छा पूरी हो, साथ ही नवीकरणीय ऊर्जा के लिए […] - [AIRTU, SECRTA, CRTU संयुक्त मोर्चा के नेतृत्व में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन](https://hindi.aifap.org.in/15620/) - [AIFEE ने विद्युत (संशोधन) विधेयक 2025 का विरोध किया](https://hindi.aifap.org.in/15615/): विधेयक उपभोक्ताओं और कर्मचारियों के हितों के विरुद्ध है आल इंडिया फेडरेशन ऑफ़ एलेक्ट्रसिटी एम्प्लाइज (AIFEE) द्वारा भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय को भेजा गया ज्ञापन (अंग्रेजी ज्ञापन का हिंदी अनुवाद) नागपुर, 27.10.25 विद्युत (संशोधन) विधेयक 2025 का विरोध करते हुए आल इंडिया फेडरेशन ऑफ़ एलेक्ट्रसिटी का एम्प्लाइज ज्ञापन माननीय विद्युत मंत्री, भारत सरकार, श्रम शक्ति भवन, रफ़ी मार्ग, नई दिल्ली, 110001 विषय:- मसौदा विद्युत (संशोधन) विधेयक 2025 पर टिप्पणियाँ। माननीय महोदय, आल इंडिया फेडरेशन ऑफ़ एलेक्ट्रसिटी एम्प्लाइज, जो सभी राज्यों के विद्युत कर्मचारियों, इंजीनियरों और संविदा कर्मचारियों के महासंघों का व्यापक एकीकृत मंच है, 1962 से भारत के विद्युत […] - [बिजली कर्मचारियों एवं इंजीनियरों ने बिजली क्षेत्र के निजीकरण और बिजली (संशोधन) विधेयक 2025 के खिलाफ 30 जनवरी 2026 को दिल्ली में एक विशाल विरोध प्रदर्शन करने का निर्णय लिया](https://hindi.aifap.org.in/15612/): विद्युत कर्मचारियों एवं इंजीनियरों की राष्ट्रीय समन्वय समिति (NCCOEEE) का प्रेस नोट विद्युत कर्मचारियों एवं इंजीनियरों की राष्ट्रीय समन्वय समिति (NCCOEEE) बी.टी. रणदिवे भवन, 13-ए, राउज़ एवेन्यू, नई दिल्ली-110002, 8800580584/8918372750 ईमेल: nccoeee2000@gmail.com ————————————————— प्रेस नोट। 04 नवंबर 2025 NCCOEEE ने विद्युत (संशोधन) विधेयक 2025 को वापस लेने की मांग की: विद्युत कर्मचारी एवं इंजीनियर 30 जनवरी 2026 को बिजली निजीकरण और विद्युत (संशोधन) विधेयक 2025 के खिलाफ दिल्ली में विशाल विरोध प्रदर्शन करेंगे: 27 लाख विद्युत कर्मचारी एवं इंजीनियर इस जनविरोधी विधेयक के खिलाफ देशव्यापी विरोध प्रदर्शन करेंगे बिजली कर्मचारियों एवं इंजीनियरों की राष्ट्रीय समन्वय समिति (NCCOEEE) ने बिजली क्षेत्र […] - [निजीकरण और अन्य हमलों के विरुद्ध संघर्ष एक नजर में: अक्टूबर 2025](https://hindi.aifap.org.in/15609/) - [भारत के बिजली वितरण का निजीकरण रोकें - बिजली के हमारे अधिकार को बचाएँ!](https://hindi.aifap.org.in/15606/): तत्काल कार्रवाई का आह्वान इलेक्ट्रिसिटी एम्प्लोयीज फेडरेशन ऑफ इंडिया (EEFI) की प्रेस विज्ञप्ति (अंग्रेजी विज्ञप्ति का अनुवाद) प्रेस विज्ञप्ति तत्काल कार्रवाई का आह्वान: भारत के बिजली वितरण का निजीकरण रोकें – बिजली के हमारे अधिकार को बचाएँ! हम, इलेक्ट्रिसिटी एम्प्लोयीज फेडरेशन ऑफ इंडिया (EEFI), बिजली क्षेत्र के कर्मचारियों, यूनियनों और लाखों जागरूक नागरिकों के साथ, निजीकरण के बहाने कर्ज में डूबी बिजली वितरण कंपनियों (DISCOM) पर 1 ट्रिलियन* रुपये का बेलआउट थोपने की केंद्र सरकार की योजना की कड़ी निंदा करते हैं। द हिंदू, टेलीग्राफ इंडिया और अन्य प्रमुख अखबारों की रिपोर्ट के अनुसार, यह 1 ट्रिलियन* रुपये का पैकेज […] - [लोको रनिंग स्टाफ की मांग है कि उन्हें 12 घंटे से अधिक काम करने के लिए मजबूर न किया जाए](https://hindi.aifap.org.in/15601/): आल इंडिया लोको रनिंग स्टाफ एसोसिएशन (AILRSA), दक्षिण रेलवे के चेन्नई डिवीजन के महाप्रबंधक को पत्र लोको पायलट के काम में अत्यधिक सतर्कता की आवश्यकता होती है। उनसे 12 घंटे या उससे अधिक समय तक काम करवाना अन्यायपूर्ण है और रेल मज़दूरों व यात्रियों, दोनों की सुरक्षा से समझौता है। अत्यधिक काम की समस्या का एकमात्र समाधान लोको पायलटों और सहायक लोको पायलटों के हजारों रिक्त पदों को भरना है। (अंग्रेजी पत्र का अनुवाद) आल इंडिया लोको रनिंग स्टाफ एसोसिएशन मुख्या: आद्रा रजि. क्रमांक 17903 चेन्नई डिवीजन 25.10.25 प्रति महाप्रबंधक दक्षिणी रेलवे आदरणीय महोदय, विषय: निर्धारित ड्यूटी घंटों का उल्लंघन […] - [राजधानी लखनऊ स्थित लेसा में वर्टिकल रिस्ट्रक्चरिंग कर 8000 पद कम किए जाने के विरोध में बिजली कर्मियों ने पूरे प्रान्त में किया जोरदार विरोध प्रदर्शन!](https://hindi.aifap.org.in/15598/): निजीकरण के हर प्रारूप और हर कोशिश का किया जायेगा पुरजोर विरोध! विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति उत्तर प्रदेश की रिपोर्ट राजधानी लखनऊ स्थित लेसा में निजीकरण हेतु वर्टिकल रिस्ट्रक्चरिंग कर 8000 पद कम किए जाने के विरोध में बिजली कर्मियों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति उत्तर प्रदेश के आह्वान पर बिजली कर्मियों ने पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के विरोध में प्रांत व्यापी विरोध प्रदर्शन किया। बिजली कर्मियों ने कहा कि निजीकरण के हर प्रारूप और हर कोशिश का पुरजोर विरोध किया जायेगा । बिजली कर्मियों ने दफ्तरों […] - [रेलवे कर्मचारियों ने रेलवे बोर्ड के 29,000 से अधिक पदों को समाप्त करने के लक्ष्य का विरोध किया, तीव्र कमी को पूरा करने के लिए पदों के सृजन की मांग की](https://hindi.aifap.org.in/15595/): ऑल इंडिया रेलवेमेन्स फेडरेशन (AIRF) का रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष और सीईओ को पत्र रेलवे में लाखों रिक्तियों के बावजूद, रेलवे बोर्ड ने 29,243 पदों को सरेंडर करने का नया लक्ष्य रखा है। AIRF के पत्र में कहा गया है कि भारतीय रेलवे अपने बुनियादी ढाँचे का आधुनिकीकरण और विस्तार कर रहा है, जिसका असल मतलब है कि और अधिक पद सृजित किए जाने चाहिए। इसके बजाय, रेलवे बोर्ड कर्मचारियों की क्षमता को और कम कर रहा है। उदाहरण के लिए, दक्षिण मध्य रेलवे में, 1,866 पदों को सरेंडर करने का लक्ष्य प्रस्तावित किया गया है, जबकि इस क्षेत्र में […] - [AIPF प्रस्तावित विद्युत (संशोधन) विधेयक 2025 की कड़ी निंदा करता है और कर्मचारियों व आम जनता से इसका विरोध करने का आह्वान करता है](https://hindi.aifap.org.in/15590/): ऑल इंडिया पावरमेन्स फेडरेशन की प्रेस विज्ञप्ति (AIPF) (अंग्रेजी विज्ञप्ति का अनुवाद) संदर्भ: AIPF 25 (05) दिनांक: 21/10/2025 मुख्य रिपोर्टर/समाचार संपादक के लिए (प्रकाशन/प्रसार के लिए) प्रस्तावित विद्युत (संशोधन) विधेयक-2025 की कड़ी निंदा करते हुए, AIPF के महासचिव श्री समर कुमार सिंघा ने निम्नलिखित बयान जारी किया है: “हमारे संज्ञान में आया है कि केंद्रीय विद्युत मंत्रालय ने विद्युत (संशोधन) विधेयक-2025 का मसौदा प्रकाशित किया है और देश के कॉरपोरेट द्वारा संचालित संगठनों से 30 दिनों के भीतर राय मांगी है। पिछले विधेयकों के अनुरूप यह दावा किया गया है कि “उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप विद्युत क्षेत्र को मजबूत […] - [बैंक अधिकारियों ने भारतीय बैंकिंग में विदेशी कंपनियों के प्रवेश का कड़ा विरोध किया, जनता से समर्थन की अपील की](https://hindi.aifap.org.in/15587/): ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन (AIBOA) का प्रेस वक्तव्य (अंग्रेजी प्रेस वक्तव्य का अनुवाद) ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन एस. नागराजन, महासचिव, ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन (AIBOA) द्वारा जारी प्रेस वक्तव्य AIBOA भारतीय वित्तीय प्रणाली के विदेशीकरण का विरोध करता है। सार्वजनिक, निजी, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों और सहकारी क्षेत्रों में कार्यरत बैंक अधिकारियों का एक ट्रेड यूनियन संगठन, ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन (AIBOA), केंद्र सरकार और बैंकिंग प्रणाली के नियंत्रक की उसकी विस्तारित शाखा – भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा समर्थित निजी क्षेत्र के बैंकों के उन कदमों का लगातार विरोध कर रहा है, जो विदेशी पूंजी को भारतीय […] - [बैंक ऑफ महाराष्ट्र के कर्मचारियों और अधिकारियों ने भारतीय स्टेट बैंक के साथ बैंक के प्रस्तावित विलय पर चिंता व्यक्त की](https://hindi.aifap.org.in/15583/): आल इंडिया बैंक ऑफ महाराष्ट्र एम्प्लाइज फेडरेशन, बैंक ऑफ महाराष्ट्र ऑफिसर्स आर्गेनाईजेशन, बैंक ऑफ महाराष्ट्र ऑफिसर्स एसोसिएशन और आल इंडिया बैंक ऑफ महाराष्ट्र वर्कर्स आर्गेनाईजेशन के द्वारा वित्त मंत्री, भारत सरकार को लिखा संयुक्त पत्र (अंग्रेजी पत्र का अनुवाद) आल इंडिया बैंक ऑफ महाराष्ट्र एम्प्लाइज फेडरेशन बैंक ऑफ महाराष्ट्र ऑफिसर्स आर्गेनाईजेशन बैंक ऑफ महाराष्ट्र ऑफिसर्स एसोसिएशन आल इंडिया बैंक ऑफ महाराष्ट्र वर्कर्स आर्गेनाईजेशन ufbumahabank@gmail.com तारीख: 17th Oct, 2025 सेवा में, श्रीमती निर्मला सीतारमण माननीय वित्त मंत्री भारत सरकार नॉर्थ ब्लॉक नई दिल्ली। विषय: बैंक ऑफ़ महाराष्ट्र विलय की अनुमान पर स्पष्टीकरण का अनुरोध के संबंध में आदरणीय महोदया, हम आपको […] - [निजीकरण किसी एक पार्टी का एजेंडा नहीं है। यह बड़े इजारेदार पूंजीपतियों के नेतृत्व वाले शासक पूंजीपति वर्ग का एजेंडा है। इसीलिए हमारा संघर्ष केवल निजीकरण के खिलाफ नहीं, बल्कि शासक वर्ग के खिलाफ है।](https://hindi.aifap.org.in/15580/): कामगार एकता कमेटी के संयुक्त सचिव डॉ. दास द्वारा इंडियन रेलवे एम्प्लोयीज फेडरेशन के वाराणसी में 21 व 22 सितंबर 2025 को हुए 4वें राष्ट्रीय सम्मेलन में दिया गया भाषण प्रिय साथियों, मुझे अत्यंत हर्ष हो रहा है कि मैं, डॉ. दास, कामगार एकता कमेटी का संयुक्त सचिव, आप सभी को कामगार एकता कमेटी और इसके सचिव डॉ. मैथ्यू की ओर से क्रांतिकारी शुभकामनाएं देता हूँ। डॉ. मैथ्यू इस सम्मेलन में पहले से तय कुछ आवश्यक कार्यों के कारण शामिल नहीं हो पा रहे हैं। हम आपकी चौथी कन्वेंशन की सफलता के लिए हार्दिक शुभकामनाएं देते हैं। NER, ECR तथा […] - [RBL बैंक का संयुक्त अरब अमीरात के NBD द्वारा अधिग्रहण - भारतीय वित्त एवं बैंकिंग पर अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय पूंजी का आक्रमण](https://hindi.aifap.org.in/15577/): RBL बैंक एम्प्लोयीज यूनियन का बयान हाल के वर्षों में, हमने भारतीय बैंकों पर बढ़ते विदेशी नियंत्रण का एक चिंताजनक रुझान देखा है। इसकी शुरुआत लक्ष्मी विलास बैंक से हुई, जिसका सिंगापुर स्थित DBS समूह ने अधिग्रहण कर लिया। इसके बाद कनाडा की कंपनी फेयरफैक्स ने कैथोलिक सीरियन बैंक का अधिग्रहण किया। हाल ही में, यस बैंक में जापान की सुमितोमो मित्सुई बैंकिंग कॉर्पोरेशन (SMBC) द्वारा हिस्सेदारी का अधिग्रहण बढ़ता जा रहा है, और अब खबरें हैं कि RBL बैंक का अधिग्रहण संयुक्त अरब अमीरात के सार्वजनिक क्षेत्र के ऋणदाता, एमिरेट्स NBD द्वारा किया जा सकता है। भारतीय बैंकिंग क्षेत्र […] - [बिजली कर्मचारी राज्य सरकारों को डिस्कॉम का निजीकरण करने के लिए मजबूर करने के केंद्र सरकार के कदमों का विरोध करते हैं; निजीकरण के लिए मध्यस्थ के रूप में अखिल भारतीय डिस्कॉम एसोसिएशन की भूमिका पर सवाल उठाते हैं।](https://hindi.aifap.org.in/15574/): ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ इलेक्ट्रिसिटी एम्प्लॉइज (AIFEE) का प्रेस वक्तव्य ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ इलेक्ट्रिसिटी एम्प्लॉइज दिनांक: 18.10.2025, मुंबई समाचार पत्र वक्तव्य केंद्रीय मंत्रिमंडल के निर्देशानुसार, केंद्रीय विद्युत विभाग ने देश की 44 सार्वजनिक विद्युत वितरण कंपनियों के निजीकरण की नीति अपनाई है। देश के विद्युत उद्योग में, सार्वजनिक स्वामित्व वाली वितरण कंपनियों के साथ-साथ, 13 कंपनियाँ ओडिशा, कोलकाता, दिल्ली, मालेगांव, भिवंडी, मुंब्रा, मुंबई, चंडीगढ़ आदि शहरों में टाटा, अडानी, टोरंटो, गोयनका, रिलायंस आदि जैसे निजी पूंजीपतियों के स्वामित्व में हैं। सात राज्यों के मंत्रिसमूहों की बैठक के बाद केंद्र सरकार ने राज्यों को बिजली वितरण का निजीकरण करने के […] - [CITU ने विद्युत (संशोधन) विधेयक 2025 के मसौदे को वापस लेने और सार्वजनिक विद्युत क्षेत्र तथा बिजली के अधिकार की सुरक्षा की मांग की](https://hindi.aifap.org.in/15569/): सेंटर ऑफ़ इंडियन ट्रेड यूनियंस (CITU) का प्रेस वक्तव्य प्रेस वक्तव्य विद्युत (संशोधन) विधेयक 2025 का मसौदा वापस लें – सार्वजनिक विद्युत क्षेत्र और विद्युत के अधिकार की रक्षा करें सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियंस (CITU) हाल ही में जारी विद्युत (संशोधन) विधेयक, 2025 के मसौदे का कड़ा विरोध करता है। 2014 से संशोधन विधेयक के विभिन्न संस्करणों को लागू करने में बार-बार विफल रहने के बावजूद, मोदी सरकार तथाकथित सुधारों के नाम पर उसी बदनाम कवायद को फिर से आगे बढ़ाने की कोशिश कर रही है। विधेयक का 2025 संस्करण, जो पहले के मसौदों से कहीं अधिक आक्रामक है, […] - [निजीकरण के हेतु राज्य सरकारों पर बेजा दबाव डालने के विरोध में राष्ट्रव्यापी आंदोलन चलाया जाएगा](https://hindi.aifap.org.in/15564/): उत्तर प्रदेश की विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति का वक्तव्य राज्य सरकार विद्युत वितरण निगमों का निजीकरण करें अन्यथा केन्द्र सरकार ग्रांट देना बंद कर देगी – ग्रुप आफ मिनिस्टर्स की मीटिंग में लिए गए निर्णय से बिजली कर्मियों में भारी आक्रोश; निजीकरण थोपने की हर कोशिश का होगा राष्ट्रव्यापी विरोध। ## Pages - [सर्व हिंद निजीकरण विरोधी फ़ोरम (AIFAP) के घटक (वर्णमाला क्रम में):](https://hindi.aifap.org.in/constituents/): एयर इंडिया एम्प्लोयीज यूनियन (AIEU) एयर इंडिया सर्विस इंजिनियर्स एसिओसेशन (AISEA) ऑल इंडिया एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियरिंग यूनियन (AIAMEU) ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसिओसेशन (AIBOA) ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कॉन्फ़ेडरेशन (AIBOC) ऑल इंडिया कोल वर्कर्स फेडरेशन (AICWF) ऑल इंडिया कॉन्फेडरेशन ऑफ एससी/एसटी ऑर्गेनाजेशंस (ऑल इंडिया परिसंघ) ऑल इंडिया डिफेन्स एम्पलोयीज फेडरेशन (AIDEF) ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ इलेक्ट्रीसिटी एम्पलोयीज (AIFEE) ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ पावर डिप्लोमा इंजीनियर्स (AIFOPDE) ऑल इंडिया गार्ड्स काउंसिल (AIGC) ऑल इंडिया IDBI ऑफिसर्स एसोसिएशन (AIIDBIOA) ऑल इंडिया लोको रनिंग स्टाफ एसोसिएशन (AILRSA) ऑल इंडिया न्यू पेंशन स्कीम (एनपीएस) एम्प्लोयीज फेडरेशन ऑल इंडिया NMDC वर्कर्स फेडरेशन ऑल इंडिया ओबीसी […] - [बैंकिंग क्षेत्र](https://hindi.aifap.org.in/bank-sector/): भारतीय बैंकिंग प्रणाली में 12 सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, 22 निजी क्षेत्र के बैंक, 46 विदेशी बैंक, 56 क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, 1485 शहरी सहकारी बैंक और 96,000 ग्रामीण सहकारी बैंक शामिल हैं। हालांकि हाल के वर्षों में सरकारें निजी बैंकों को पूर्ण समर्थन दे रही हैं, फिर भी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के पास संपत्ति का सबसे बड़ा हिस्सा है। सबसे बड़ा बैंक भारतीय स्टेट बैंक है, जो एक सार्वजनिक क्षेत्र का बैंक है। यह अगले सबसे बड़े बैंक, एचडीएफसी बैंक से लगभग तीन गुना बड़ा है, जो एक निजी बैंक है। भारत में बचत रखने के लिए बैंक सबसे […] - [निवेश और लोक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग (DIPAM)](https://hindi.aifap.org.in/dipam/): निवेश और लोक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग (DIPAM) के सचिव ने 10 अगस्त को जानकारी दी कि एयर इंडिया, बीपीसीएल, शिपिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया, पवन हंस, बीईएमएल और नीलाचल इस्पात निगम लिमिटेड का निजीकरण 2021-22 के दौरान पूरा हो जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि केंद्र सरकार ने एक्सिस बैंक, एनएमडीसी लिमिटेड और हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट कॉर्प में अपने शेयर बेचकर लगभग 8,368 करोड़ रुपये प्राप्त किए हैं। - [ऍप डाउनलोड करें](https://hindi.aifap.org.in/%e0%a4%8d%e0%a4%aa-%e0%a4%a1%e0%a4%be%e0%a4%89%e0%a4%a8%e0%a4%b2%e0%a5%8b%e0%a4%a1-%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%82/) - [दूरसंचार क्षेत्र](https://hindi.aifap.org.in/telecom-sector/): पिछले कुछ दशकों में तकनीकी विकास ने संचार को बदल दिया है। उच्च गति और कुशल दूरसंचार अब उद्योग, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, आपदा प्रबंधन और हमारे जीवन को छूने वाली लगभग हर चीज के लिए महत्वपूर्ण हो गया है। हमारे देश में भी पिछले एक दशक में टेलीकॉम सेक्टर का बहुत तेजी से विस्तार हुआ है और अब यह दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा है। इसके 118 करोड़ मोबाइल सब्सक्राइबर हैं। मोबाइल एप्लिकेशन डाउनलोड करने के मामले में भी भारत दुनिया में दूसरे स्थान पर है। इसके 75 करोड़ इंटरनेट सब्सक्राइबर हैं। इस सेक्टर से सालाना 2,70,000 करोड़ रुपयों से […] - [रक्षा उत्पादन क्षेत्र](https://hindi.aifap.org.in/defence-sector/):   देश में रक्षा उत्पादन को तीन क्षेत्रों में बांटा गया है: (i) सरकारी क्षेत्र द्वारा रक्षा उत्पादन – आयुध निर्माणी बोर्ड (ओएफबी) (ii) रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयां (पीएसयू) (iii) निजी क्षेत्र रक्षा सार्वजनिक उपक्रम और ओएफबी, दोनों रक्षा उत्पादन विभाग के तहत काम करते हैं, जो रक्षा मंत्रालय का एक भाग है। आयुध निर्माणियां ओएफबी की स्थापना 1979 में हुई थी और आज इसके नेटवर्क में 41 आयुध कारखाने, 9 प्रशिक्षण संस्थान, 3 क्षेत्रीय विपणन केंद्र और सुरक्षा के 5 क्षेत्रीय नियंत्रक शामिल हैं। कोलकता के पास ईशापुर में सबसे पुराना आयुध कारखाना अंग्रेजों द्वारा 1787 में स्थापित […] - [रेलवे उत्पादन इकाईयाँ](https://hindi.aifap.org.in/rail-production-sector/): भारत में लोकोमोटिव (रेलवे इंजन), कोच (रेल डिब्बे) और अन्य रोलिंग स्टॉक, पहियों और एक्सल के साथ-साथ रेलवे द्वारा आवश्यक अन्य सामान बनाने वाली कई उत्पादन इकाइयाँ हैं। ये इस महत्वपूर्ण क्षेत्र में आत्मनिर्भरता प्राप्त करने और रेलवे बोर्ड के नियंत्रण में स्वतंत्र इकाई के रूप में कार्य करने के लिए स्थापित किए गए थे। भारत का रक्षा मंत्रालय भारतीय रेलवे की उत्पादन इकाइयों के महत्वपूर्ण गैर-रेलवे ग्राहकों में से एक है। स्वतंत्रता के तुरंत बाद, सभी रोलिंग स्टॉक को संयुक्त राज्य अमेरिका, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों से उच्च लागत के साथ आयात किया जाना था और आपूर्ति अनुसूची […] - [Player Embed](https://hindi.aifap.org.in/player-embed/) - [User Videos](https://hindi.aifap.org.in/user-videos/) - [Search Videos](https://hindi.aifap.org.in/search-videos/) - [Video Tag](https://hindi.aifap.org.in/video-tag/) - [Video Category](https://hindi.aifap.org.in/video-category/) - [डॉ. एम. राघवैया, महासचिव, नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन रेलवेमेन (एनएफआईआर), नेशनल कॉर्डिनेशन कमिटी ऑफ रेलवेमेन्स स्ट्रगल (एनसीसीआरएस) के सह-संयोजक और नेशनल ज्वाइंट काउंसिल ऑफ एक्शन (एनजेसीए) के अध्यक्ष के अंग्रेजी में साक्षात्कार का हिंदी अनुवाद](https://hindi.aifap.org.in/%e0%a4%a1%e0%a5%89-%e0%a4%8f%e0%a4%ae-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%98%e0%a4%b5%e0%a5%88%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b8%e0%a4%9a%e0%a4%bf%e0%a4%b5-%e0%a4%a8%e0%a5%87%e0%a4%b6/): 1. प्रश्न: महोदय, आपको रेलकर्मियों के अधिकारों के लिए लड़ने का लंबा अनुभव है। सर्व हिन्द निजीकरण विरोधी फ़ोरम (एआईएफएपी) से आपको क्या उम्मीद है? डॉ. आर: सर्व हिन्द निजीकरण विरोधी फ़ोरम (एआईएफएपी) पूरे मजदूर वर्ग को एकजुट करने की दिशा में एक अच्छा कदम है। यह एक शुरुआत है और मेरे लिए यह कहना जल्दबाजी होगी कि यह फोरम और यह फाउंडेशन अंततः पूरे देश पर कैसे प्रभाव डालेगा। मैं सर्व हिन्द निजीकरण विरोधी फ़ोरम की सफलता की कामना करता हूं। 2. प्रश्न: महोदय,सर्व हिन्द निजीकरण विरोधी फ़ोरम (एआईएफएपी) सभी क्षेत्रों में एकजुटता को मजबूत करना चाहता है। क्या […] - [भारतीय रेल](https://hindi.aifap.org.in/indian-railways/): भारतीय रेलवे (IR) हमारे देश की अर्थव्यवस्था की जीवन रेखा है। इसने भारत के विकास और प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। हमारे देश के असंख्य लोगों ने भारतीय रेलवे की सेवाओं से लाभ उठाया है। भारतीय रेलवे को, पिछले 165 वर्षों में, लाखों मजदूरों और भारतीय लोगों की खून-पसीने की कमाई से बनाया गया है। भारतीय रेलवे दुनिया की चौथी सबसे बड़ी रेलवे-व्यवस्था है। लगभग 68,000 किमी रेल मार्ग और 99,000 किमी से अधिक पटरियों के द्वारा, भारतीय रेलवे, हमारे विशाल देश के विभिन्न हिस्सों को जोड़ती है। यह करोड़ों मजदूरों के लिए उनके कार्यस्थल और उनके घर, शहर […] - [भारत में पेट्रोलियम शोधन क्षेत्र](https://hindi.aifap.org.in/petroleum-refining-sector-in-india/): पेट्रोलियम सड़क और हवाई परिवहन, औद्योगिक भट्टियों और बॉयलरों के साथ-साथ बिजली उत्पादन के लिए ऊर्जा और ईंधन का एक महत्वपूर्ण स्रोत है। यह पेट्रोरसायन, प्लास्टिक और उर्वरकों के उत्पादन के लिए कच्चा माल भी उपलब्ध कराता है। पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतें पूरी आबादी को प्रभावित करती हैं। पेट्रोलियम देश के लिए सामरिक महत्व का है। सेना, नौसेना और वायु सेना सभी अपनी ईंधन आवश्यकताओं के लिए परिष्कृत पेट्रोलियम उत्पादों पर बहुत अधिक निर्भर हैं। भारत दुनिया में पेट्रोलियम उत्पादों का तीसरा सबसे बड़ा बाजार है। भारतीय मांग वैश्विक औसत से चार से पांच गुना तेजी से बढ़ रही है। […] - [बिजली क्षेत्र](https://hindi.aifap.org.in/electricity-sector/): 21वीं सदी में बिजली मनुष्य की मूलभूत आवश्यकताओं में से एक बन गई है। बिजली जो हमारे घरों और कार्यालयों, कारखानों और कृषि क्षेत्रों तक पहुँचती है, तीन मुख्य विशिष्ट चरणों से गुज़रती है: उत्पादन, संचरण और वितरण। 1.3 लाख करोड़ यूनिट से अधिक की वार्षिक खपत के साथ भारत दुनिया में बिजली का तीसरा सबसे बड़ा उपभोक्ता है हालांकि हमारी आबादी का काफी बड़ा हिस्सा अभी भी बिजली से वंचित है। इसके अलावा, बड़ी संख्या में परिवार अपनी खपत को कम से कम करने की कोशिश करते हैं क्योंकि वे अधिक खर्च नहीं कर सकते। यही कारण है कि […] - [भारत में बंदरगाह क्षेत्र](https://hindi.aifap.org.in/port-sector-in-india/): देश के विदेशी व्यापार के लिए बंदरगाहों का एक बड़ा रणनीतिक महत्व है। ये बंदरगाह, भारत के विदेशी व्यापार का, मात्रा के आधार पर लगभग 95% और मूल्य के आधार पर 70% हिस्सा, संभालते हैं। भारत के सकल घरेलू उत्पाद में निर्यात का योगदान, लगभग 20 प्रतिशत है और इस प्रकार देश की अर्थव्यवस्था में विदेशी व्यापार का एक महत्वपूर्ण योगदान है। हमारे देश की 7500 किमी लंबी तट रेखा के किनारे 12 “प्रमुख बंदरगाह” और लगभग 200 “लघु बंदरगाह” हैं। वर्ष 2019-20 में सभी बंदरगाहों द्वारा संभाला गया कुल कार्गो 132 करोर टन (1320 million tons) था। देश के […] - [बी.ई.एम.एल.](https://hindi.aifap.org.in/beml/): वर्तमान में सरकार के पास बीईएमएल के 54% शेयर हैं। टाटा समूह के टाटा मोटर्स, हिंदुजा समूह के अशोक लेलैंड और कल्याणी समूह के भारत फोर्ज को अब सरकार से इस कंपनी के 26% शेयर खरीदने के लिए शॉर्टलिस्ट किया है। प्रस्तावित शेयरों की बिक्री के बाद बीईएमएल सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी नहीं रहेगी। यह तीन महत्वपूर्ण क्षेत्रों – रक्षा और एयरोस्पेस, रेल और मेट्रो, और खनन और निर्माण के लिए उपकरणों की आपूर्ति करता है, लेकिन सरकार इसका निजीकरण करना चाहती है। - [Electricity](https://hindi.aifap.org.in/electricity/): The Electricity (Amendment) Bill, 2021 is proposed to be put up during the current monsoon session of the parliament. It will enable entry of private distributors in every territory in competition with state electricity distribution companies (discoms). Discoms will be required to allow the use of their infrastructure to private distributors for competing with themselves!! - [बीमा](https://hindi.aifap.org.in/insurance/): आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने एलआईसी के शेयरों के एक हिस्से की बिक्री और शेयर बाजार में इसकी लिस्टिंग के लिए मंजूरी दे दी है। बेचे जाने वाले शेयरों की मात्रा और इसकी कीमत मंत्रियों के एक समूह द्वारा तय की जाएगी। 1956 के एलआईसी अधिनियम में पहले ही संशोधन किया जा चुका है ताकि एलआईसी के शेयर बेचे जा सकें। शेयरों की बिक्री जनवरी-मार्च 2022 तिमाही के दौरान होने की संभावना है। एलआईसी के निजीकरण की दिशा में यह पहला कदम है। - [AIFAP अस्वीकरण (डिस्क्लेमर)](https://hindi.aifap.org.in/disclaimer/): हस्ताक्षरित लेखों में व्यक्त विचार लेखक के हैं | लेखों में दी जानकारी की सत्यता की ज़िम्मेदारी AIFAP स्वीकार नहीं करता है | यहां केवल वही लेख पोस्ट किए जाते हैं जो जनहित में होते हैं | अन्य संगठनों से पुन: प्रस्तुत किए गए दस्तावेज़ और कोई अन्य लेख उन संगठनों के विचारों को दर्शाते हैं | इस वेबसाइट से लेकर इस्तेमाल की गई किसी भी जानकारी के दुरुपयोग किए जाने की स्थिति में AIFAP की कोई कानूनी या वित्तीय ज़िम्मेदारी नहीं है | AIFAP व्यवस्थापक के पास पाठकों द्वारा प्रस्तुत टिप्पणियों को अपलोड करने और उन्हें हटाने का अधिकार […] - [अपने पत्र और चित्र सबमिट करें](https://hindi.aifap.org.in/submit-your-articles-and-images/): * 25MB की फ़ाइल अपलोड आकार सीमा है। यदि आप 25MB से बड़ी फ़ाइल या वीडियो जमा करना चाहते हैं तो कृपया इसे गूगल ड्राइव पर अपलोड करें और हमें नीचे दिए गए फॉर्म के माध्यम से लिंक भेजें - [उपभोक्ताओं और उपयोगकर्ताओं पर विभिन्न क्षेत्रों के निजीकरण के हानिकारक प्रभाव](https://hindi.aifap.org.in/harmful-effects-of-privatisation/): उपभोक्ताओं और उपयोगकर्ताओं पर विभिन्न क्षेत्रों के निजीकरण के हानिकारक प्रभाव रेल और सड़क क्षेत्र: • किराए में बड़ी वृद्धि; • गतिशील किराया नीति, यानी जितनी अधिक मांग, उतना अधिक किराया, • कोई सीजन टिकट नहीं (मेट्रो ट्रेनों और निजी बसों में ये नहीं हैं), • कोई रियायत नहीं (जो वर्तमान में रेलवे और राज्य परिवहन बसों द्वारा छात्रों, बुजुर्गों, विकलांग लोगों आदि को दी जाती है), • पानी, शौचालय, बेड रोल आदि जैसी हर सेवा के लिए भुगतान, • गैर-लाभकारी मार्गों पर और गैर-पीक घंटों के दौरान बस और ट्रेन सेवाओं में कटौती और रद्द करना, • न्यूनतम रखरखाव […] - [संपर्क करें](https://hindi.aifap.org.in/contact-us/): AIFAP   व्हाट्सप्प नंबर:  +91 84540 18757 ईमेल: contact@aifap.org.in   - [इच्छुक क्षेत्र के बारे में जानिए](https://hindi.aifap.org.in/know-about-the-sector/): AIFAP के उद्देश्यों में से एक है, ऐसे क्षेत्र के लिए समर्थन और एकजुटता जुटाना जहां निजीकरण के खिलाफ संघर्ष हो रहा है | किसी भी क्षेत्र के बारे में जानने से हम सूचित समर्थन कर सकते हैं | यहां विभिन्न क्षेत्रों के बारे में और उन क्षेत्र में निजीकरण की स्थिति के बारे में संक्षिप्त में बताया गया है | निम्नलिखित जानकारी सम्बंधित क्षेत्रों के फेडरेशनों/यूनियनों/एसोसिएशनों के नेताओं और KEC के कार्यकर्ताओं द्वारा एकत्र की गई जानकारी पर आधारित है | किसी भी क्षेत्र के बारेमें जानने के लिए उसके नाम/चित्र पर क्लिक करें |         […] - [AIFAP के बारे में](https://hindi.aifap.org.in/about-aifap/): सर्व हिन्द निजीकरण विरोधी फ़ोरम (AIFAP) सर्व हिन्द निजीकरण विरोधी मंच (एआईएफएपी) का गठन 4 जुलाई, 2021 को हुआ | इसकी नीव रखने के लिए इंटरनेट के माध्यम से एक मीटिंग आयोजित की गई| सरकार और सार्वजनिक क्षेत्र के श्रमिक फेडरेशनों, यूनियनों, एसिओसेशनो के साथ-साथ लोगों के संगठनों के चालीस से अधिक राष्ट्रीय संघों ने पहले ही इस मंच के सदस्य बनने का फैसला कर लिया था। बड़ी संख्या में उनके नेताओं ने नीव रखने वाली बैठक को संबोधित किया और जो लोग शामिल नहीं हो सके, उन्होंने अपनी शुभकामनाएं भेजीं। नीव रखनेवाली बैठक के बाद, कई राष्ट्रीय फेडरेशनों और […] - [समाचार पत्रिका](https://hindi.aifap.org.in/newsletter/): [newsletter] - [Coming-Soon](https://hindi.aifap.org.in/coming-soon/): Coming Soon Get ready, something cool is coming! - [AIFAP की गोपनीयता नीति](https://hindi.aifap.org.in/privacy/): aifap.org.in को aifap.org.in से पहुँचा जा सकता है । हमारी मुख्य प्राथमिकताओं में से एक हमारे आगंतुकों की गोपनीयता है। इस गोपनीयता नीति दस्तावेज़ में aifap.org.in द्वारा एकत्रित और रिकॉर्ड की गई जानकारी के क्या प्रकार हैं और हम इसका उपयोग कैसे करते हैं, इसके बारे में जानकारी दी गई है । यदि आपके पास अतिरिक्त प्रश्न हैं या हमारी गोपनीयता नीति के बारे में अधिक जानकारी की आवश्यकता है, तो हमसे संपर्क करने में संकोच न करें। यह गोपनीयता नीति केवल हमारी ऑनलाइन गतिविधियों पर लागू होती है और हमारी वेबसाइट पर आने वाले आगंतुकों के लिए उस जानकारी […] [comment]: # (Generated by Hostinger Tools Plugin)