पंजाब के बिजली कर्मचारियों, पेंशनभोगियों और किसानों ने बिजली संशोधन विधेयक 2025 और राज्य सरकार द्वारा PSPCL की जमीन की बिक्री के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया

कामगार एकता कमिटी (KEC) संवाददाता की रिपोर्ट

पंजाब राज्य विद्युत निगम लिमिटेड (PSPCL) के कर्मचारियों, पेंशनरों और किसानों ने 2 नवंबर को बिजली संशोधन विधेयक 2025 और राज्य सरकार द्वारा PSPCL की जमीन की बिक्री के खिलाफ लुधियाना में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किया और बिजली मंत्री को एक ज्ञापन सौंपा।

विरोध रैली में पीएसईबी इंजीनियर्स एसोसिएशन, पीएसईबी एम्प्लाइज जॉइंट फोरम, बिजली मुलाजिम एकता मंच पंजाब, एसोसिएशन ऑफ़ जूनियर इंजीनियर्स, ग्रिड सबस्टेशन एम्प्लाइज यूनियन, पावरकॉम और ट्रांसको पेंशनर्स यूनियन पंजाब ने भाग लिया तथा विभिन्न किसान और मजदूर संगठनों का भी भरपूर समर्थन प्राप्त हुआ।

विभिन्न नेताओं ने कहा कि जनविरोधी बिजली संशोधन विधेयक 2025 से बिजली जैसी महत्वपूर्ण संस्था पूंजीपतियों के हाथों में चली जाएगी, आम लोगों और किसानों को मिलने वाली क्रॉस सब्सिडी खत्म हो जाएगी और लोग महंगी बिजली खरीदने को मजबूर होंगे। कर्मचारियों की नौकरियाँ खतरे में पड़ जाएँगी। नेताओं ने कहा कि पूंजीपतियों के दबाव में केंद्र सरकार इस संशोधन विधेयक को पारित करके बिजली संस्थानों पर सीधा नियंत्रण करना चाहती है।

जॉइंट फोरम ने लुधियाना, पटियाला, जालंधर और अन्य शहरों में सैकड़ों एकड़ में फैली PSPCL की महंगी संपत्तियों को बेचने के पंजाब सरकार के जनविरोधी प्रस्ताव की कड़ी निंदा की।

फोरम ने संयुक्त संघर्ष के माध्यम से PSPCL की संपत्तियों की बिक्री और बिजली संशोधन विधेयक 2025 का कड़ा विरोध करने की कसम खाई।

PSPCL और PSTCL के सभी एसोसिएशनों और यूनियनों द्वारा पूरे पंजाब में विरोध रैलियां आयोजित की गईं।

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