27 जनवरी 2026 को बैंक कर्मचारियों ने हफ्ते में 5 दिन बैंकिंग की अपनी मांग को लेकर पूरे भारत में सफल हड़ताल की।

ऑल इंडिया बैंक एम्प्लॉइज एसोसिएशन (AIBEA) द्वारा परिपत्र

ऑल इंडिया बैंक एम्प्लॉइज एसोसिएशन

केन्द्रीय कार्यालय: “प्रभात निवास” रजिस्टर सं. 2037

सिंगापुर प्लाज़ा, 164, लुंगी चेट्टी स्ट्रीट, चेन्नई-600001

फ़ोन: 2535 1522 वेब:www.ib.in

परिपत्र संख्या.29/ 250/ 2026/11

27-1-2026

प्रति,

पदाधिकारियों को, राज्य फेडरेशनों और

अखिल भारतीय बैंकवार फेडरेशनों

प्रिय साथियों,

आज की हड़ताल ज़बरदस्त सफल रही

हमारे सभी यूनियनों और सदस्यों को लाल सलाम

UFBU परिपत्र: UFBU के आह्वान पर देश भर में हड़ताल की ज़बरदस्त सफलता के लिए हमारे सभी यूनियनों और सदस्यों को बधाई है। यह 7-12-2023 के MOU और 8-3-2024 के सेटलमेंट के अनुसार प्रति सप्ताह 5 दिन की बैंकिंग शुरू करने के लिए IBA की सिफारिशों को मंज़ूरी देने में हो रही बेवजह देरी के विरोध में तथा 5 दिन की बैंकिंग को जल्द से जल्द लागू करने की मांग को लेकर हमने हड़ताल किया।

देश के अलग-अलग हिस्सों से मिल रही रिपोर्टों के मुताबिक, यह हड़ताल सभी बैंकों में हर जगह बहुत सफल रही। अलग-अलग केंद्रों पर हुए प्रदर्शनों की तस्वीरों से पता चला कि बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों में सरकार के प्रति गुस्सा और नाराज़गी है, क्योंकि सरकार हमारी जायज़ मांगों पर विचार करने में बेवजह देरी कर रही है, जबकि IBA पहले ही इस पर समझौता कर चुका है और उस पर हस्ताक्षर भी कर चुका है। प्रतिसाद बहुत अच्छा था और उनकी भागीदारी ज़बरदस्त थी।

यह बात और भी ज़्यादा तारीफ़ के काबिल और सराहनीय है कि अधिकारियों के एक हिस्से को हड़ताल में हिस्सा लेने से रोकने के लिए उन्हें डराने-धमकाने और मजबूर करने की कई कोशिशें की गईं। इससे ऐसा लगा कि पूरी यंत्रणा हमारी जायज़ मांगों का शांतिपूर्ण समाधान खोजने के बजाय हड़ताल को नाकाम करने में ज़्यादा व्यस्त थी। लेकिन हमारे सदस्यों ने इन सभी कोशिशों का बहादुरी से सामना किया और हड़ताल को एक अभूतपूर्व सफलता बनाया।

हड़ताल की वजह से सामान्य बैंकिंग कामकाज बहुत ज़्यादा प्रभावित हुआ और ठप पड़ गया। बड़ी संख्या में शाखाएं बंद हो गईं। लेकिन हमारा मकसद बैंकिंग सेवाओं को रोकना नहीं था। हड़ताल बुलाने का मकसद सरकार का ध्यान अपनी मांगों को पूरा करने की ओर दिलाना था। 22 और 23 जनवरी, 2026 को भी, सुलह की बातचीत के दौरान, हमने अपनी मांगों का समाधान खोजने की पूरी कोशिश की। लेकिन सरकार का रवैया मददगार नहीं था।

जब सरकार चाहती थी कि हम हड़ताल टाल दें, तो हमने CLC और सरकार को बताया कि UFBU सरकार के किसी भी सकारात्मक कदम पर जवाब देने के लिए 26 जनवरी की शाम तक इंतज़ार करेगा। लेकिन बदकिस्मती से, उनकी तरफ से कोई पहल नहीं हुई।

इस तरह, हम पर हड़ताल थोपी गई और हमने हड़ताल का आह्वान किया।

कई जगहों पर, खासकर उत्तरी राज्यों में, मौसम खराब था और रैलियों वगैरह के लिए ठीक नहीं था। दिल्ली में भारी बारिश हुई। लेकिन इन सभी मुश्किलों से हमारे सदस्य न तो रुके और न ही निराश हुए। हमारे सदस्यों ने पूरी जान लगा दी और रैलियों और प्रदर्शनों को बड़ी सफलता दिलाई।

हम आज की हड़ताल की यादगार सफलता के लिए अपने सभी यूनियनों और सदस्यों को एक बार फिर बधाई, सलाम और मुबारकबाद देते हैं।

हमें उम्मीद है कि संबंधित अधिकारी बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों के मनोदशा और हमारी जायज़ मांग को समझेंगे और इसे हल करने के लिए कदम उठाएंगे और जल्द से जल्द 5 दिन की बैंकिंग शुरू करेंगे।

हालात का जायजा लेने और आगे की कार्रवाई तय करने के लिए UFBU की मीटिंग जल्द से जल्द होगी।

शुभकामनाओं के साथ।

आपका साथी

सी.एच. वेंकटचलम

महासचिव

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