मज़दूर एकता कमेटी के संवाददाता की रिपोर्ट

केंद्र सरकार द्वारा घोषित चार लेबर कोड और मज़दूरों पर पूंजीपतियों द्वारा बढ़ते हमलों के खिलाफ़, ट्रेड यूनियनों समेत मज़दूर संगठनों ने 12 फरवरी को सर्व हिन्द आम हड़ताल का आह्वान किया है। इस हड़ताल की सफलता के लिये दिल्ली के ट्रेड यूनियनों समेत मज़दूर संगठनों ने संयुक्त रूप से पिछले एक महीने से लगातार प्रचार अभियान चलाया है। दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में अलग-अलग मज़दूर संगठनों को जिम्मेदारी दी गई थी कि वे तमाम मज़दूर संगठनों को एकजुट करके अपने इलाके में अभियान चलायें। मज़दूर एकता कमेटी ने दक्षिण दिल्ली में संयुक्त अभियान चलाने में अगुवाई दी।

अभियान को सफल बनाने के लिये कई मीटिंगों, जुलूसों तथा रैलियों आदि का आयोजन किया गया । अभियान में “हड़ताल क्यों?’ शीर्षक वाला एक बड़ा बैनर लगाया गया था, जिस पर लिखा था:
- काम के घंटे 8 से 12 किये जाने के खिलाफ़!
- दैनिक मज़दूरी 710 रु. की जगह फ्लोर वेज 178 रु. करने के खिलाफ़!
- संगठित होने के अधिकार पर हमले के खिलाफ़!
- हड़ताल के अधिकार को ख़त्म किये जाने के खिलाफ़!
- बिना सुरक्षा के महिलाओं से रात की पाली में काम कराने के खिलाफ़़!
अभियान में शामिल कार्यकर्ताओं ने अनेकों प्लेकार्ड और बैनर लिये हुये थे जिनमें लिखा था – 12 फरवरी की आम हड़ताल को सफल बनाओ!, मज़दूर विरोधी चार श्रम कोड वापस लो!, अपनी रोजी-रोटी और अधिकारों की रक्षा के लिये संघर्ष तेज करो!, मज़दूरों और किसानों की हुकूमत की स्थापना के लक्ष्य को हासिल करने के लिये एकजुट हों!, मज़दूर अधिकारों का हनन देश के हितों का हनन!, देश के मज़दूरों एक हो जाओ और 12 फरवरी की हड़ताल को सफल करो!

अभियान में मज़दूर एकता कमेटी, एटक, सीटू, एआईसीसीटीयू, हिन्द मज़दूर सभा, टीयूसीसी, यूटीयूसी, एआईयूटीयूसी, सेवा, इफ्टू, इंकलाबी मज़दूर केंद्र, इफ्टू सर्वहारा तथा अन्य मज़दूर संगठनों ने हिस्सा लिया।

हड़ताल की सफलता के लिये हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी द्वारा जारी किये गए आह्वान की हज़ारों प्रतियां बांटी गयीं।
6 पार्टियों – हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माले), रेवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी, आल इंडिया फारवर्ड ब्लाक – ने हड़ताल को कामयाब करने के लिये एक सांझा पर्चा निकाला था, जिसे बांटा गया।

दिल्ली के विभिन्न औद्योगिक और रिहायशी इलाकों व मैट्रो स्टेशनों पर नुक्कड़ सभायें की गयीं और पोस्टर अभियान चलाये गए। हर जगह पर मज़दूरों के साथ बड़ी जोशपूर्ण चर्चाएं की गयीं। चार श्रम संहिताओं का पर्दाफाश किया गया और बताया गया कि किस प्रकार से ये मज़दूर विरोधी हैं और ये मज़दूरों के अधिकारों पर खुलेआम हमला करती हैं।

सभी नुक्कड़ सभाओं व रैलियों में मज़दूरों ने बड़े उत्साह के साथ अभियान के भागीदारों का स्वागत किया, उनकी बातों को ध्यान से सुना, अपने-अपने अनुभव सुनाये तथा अपने अधिकारों पर किये जा रहे हमलों का एकजुट होकर मुंहतोड़ जवाब देने के लिए, 12 फरवरी की हड़ताल को सफल करने की तैयारियां करने का संकल्प लिया।
अभियान के दौरान अनेक औद्योगिक क्षेत्रों – ओखला फेस-1 और 2, बवाना, मायापुरी, वजीरपुर, पटपड़ गंज, लारेंस रोड, नारायणा, मंगोलपुरी, झिलमिल, शाहदरा, आदि पर पर्चा वितरण और नुक्कड़ सभाओं का आयोजन किया गया। ओखला औद्योगिक क्षेत्र में एक जुझारू बाईक रैली और ई-रिक्शा रैली निकाली गई। दिल्ली की विभिन्न रिहायशी कालोनियों – हरकेश नगर, संजय कालोनी, बवाना जेजे कालोनी, मीठापुर, मदनपुर खादर, बदरपुर, अम्बेडकर नगर, संगम विहार, आलीगांव, दक्षिण पुरी आदि – में ज़ोरदार अभियान चलाया गया।




