अखिल भारतीय हड़ताल का बरेली में जोरदार असर

सार्वजनिक उपक्रमों के निजीकरण और बीमा क्षेत्र में 100 प्रतिशत विदेशी निवेश के प्रस्ताव का किया विरोध !

ठेकाकरण और संविदा प्रथा समाप्त कर रिक्त पदों पर स्थायी नियुक्ति की उठाई मांग !

देशव्यापी हड़ताल का असर गुरुवार को बरेली में स्पष्ट रूप से देखने को मिला। बैंक, बीमा, लोक निर्माण विभाग (PWD), सिंचाई विभाग और आयकर समेत कई सरकारी विभागों के कर्मचारी हड़ताल पर रहे।

रामपुर गार्डन स्थित यूनियन बैंक शाखा के सामने बरेली ट्रेड यूनियंस फेडरेशन के नेतृत्व में मुख्य सभा आयोजित की गई। कार्यक्रम की शुरुआत प्रगतिशील सांस्कृतिक मंच द्वारा जोशीले गीतों के साथ हुई (वीडियो नीचे देखें)। दस केंद्रीय श्रमिक संगठनों के संयुक्त आह्वान पर आयोजित इस हड़ताल में बैंक, बीमा, PWD और सिंचाई विभाग के कर्मचारियों के अलावा AITUC, HMS, इंकलाबी मजदूर केंद्र, क्रांतिकारी लोक अधिकार संगठन, मार्केट वर्कर्स एसोसिएशन, ऑटो टेंपो चालक वेलफेयर एसोसिएशन, बरेली कॉलेज कल्याण समिति, सेवानिवृत्त शिक्षक-कर्मचारी संघ और नगर निगम कर्मचारी संगठनों ने भी भागीदारी या समर्थन दिया।

सभा की अध्यक्षता करते हुए मुकेश सक्सेना ने केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों का विरोध जताते हुए कहा कि देशभर में करोड़ों मेहनतकश इस आंदोलन में शामिल हुए हैं। यूनाइटेड फोरम बरेली के अध्यक्ष पी.के. माहेश्वरी ने बताया कि यूपी बैंक इम्प्लाइज यूनियन के आह्वान पर बैंकों में व्यापक असर देखने को मिला।

बीमा कर्मचारी संघ बरेली मंडल की महामंत्री गीता शांत ने कहा कि मंडल के सभी कर्मचारी हड़ताल में शामिल रहे। उन्होंने सार्वजनिक उपक्रमों के निजीकरण और बीमा क्षेत्र में 100 प्रतिशत विदेशी निवेश के प्रस्ताव का विरोध किया। फेडरेशन के उपाध्यक्ष अमीर खां ने बताया कि प्रांतीय आह्वान के तहत पीडब्ल्यूडी में भी हड़ताल सफल रही। उन्होंने ठेकाकरण और संविदा प्रथा समाप्त कर रिक्त पदों पर स्थायी नियुक्ति की मांग उठाई।

हड़ताल स्थल पर मज़दूर-विरोधी नीतियों के खिलाफ नारे गूंजते रहे।

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