विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदश की रिपोर्ट

चुनिंदा पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश में किए जा रहे बिजली के निजीकरण के विरोध में चल रहे संघर्ष के एक वर्ष पूरे होने पर राजधानी लखनऊ सहित प्रदेश के विभिन्न जनपदों में जोरदार तरीके से विरोध प्रदर्शन किया गया। विरोध प्रदर्शन में यह संकल्प व्यक्त किया कि जब तक निजीकरण का प्रस्ताव निरस्त नहीं किया जाता और बिजली कर्मियों पर की गई सभी उत्पीड़न की कार्रवाइयों को समाप्त नहीं किया जाता, तब तक संघर्ष जारी रहेगा। माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी से अनुरोध है कि व्यापक जनहित में बिजली के निजीकरण के प्रस्ताव को निरस्त किया जाए।


