कामगार एकता कमिटी का आह्वान
24 मार्च 2026

भाइयों और बहनों,
जैसा सभी रेल कर्मचारी जानते हैं, कुछ ही दिन पहले, सेन्ट्रल रेलवे मुंबई डिविजन के 72 लोको पायलटों ने एक सामूहिक पत्र के द्वारा एक साथ वीआरएस की मांग की थी। काम के बेहद मुश्किल हालात, बार बार उच्च अधिकारियों की दखलंदाजी तथा सताया जाना, रनिंग रूम और विश्राम क्षेत्रों में स्वच्छता और आवश्यक सुविधाओं का अभाव और इन सब वजहों से बेहद मानसिक तनाव, इसी कारण उन्होंने यह कदम उठाया। आज के समय में जब स्थाई नौकरी करीब करीब नामुमकिन हो गई है, तब भारतीय रेल से वीआरएस माँगना उनके लिए कितना मुश्किल कदम होगा, यह हम समझ सकते हैं।
कामगार एकता कमिटी ने AILRSA तथा अन्य रेल मजदूरों के संगठनों के साथ मिलकर एक संयुक्त पत्र जनरल मैनेजर को भेजा है और माँग की है कि लोको पायलटों एवं दूसरे सभी रेल मजदूरों की सभी समस्याएं फौरी तौर पर सुलझाई जाएं।
2 मार्च के दिन, लखनऊ डिविजन के एक लोको पायलट के साथ रेल अधिकारियों ने जो बेहद शर्मनाक बर्ताव किया, उसकी खबरें भी कई समाचार पत्रों एवं डिजिटल मीडिया में प्रसारित हुई। पाईल्स के ऑपरेशन के उपरांत “सिक लीव” माँगना, यह उस लोको पायलट का गंभीर गुनाह था! उसके साथ जो बुरा बर्ताव हुआ उसके बारे में जब उसने समाचार पत्रों को बताया तो उल्टा उसे ही सस्पेंड किया गया। AILRSA तथा उसके सहयोगियों ने एकता से जो सशक्त विरोध किया, उसके बाद सस्पेंशन ख़ारिज किया गया।
भाइयों और बहनों,
यह दोनों घटना केवल प्रतिनिधिक हैं, यह हम सभी जानते हैं। चाहे रेलवे के एकाउंट डिपार्टमेंट में काम करनेवाले कर्मचारी हों, या लोको पायलट, स्टेशन मैनेजर, ट्रेन मैनेजर, सिग्नल और टेलिकॉम, ट्रेक मेंटेनर, टिकट चेकर, बुकिंग क्लर्क हों, रेलवे के वर्कशॉप में या कारखानों में या रेलवे के किसी भी डिपार्टमेंट में कार्यरत मजदूर कर्मचारी हों, सभी को उच्च पद पर कार्यरत रेल के कुछ अधिकारियों की मनमानी, बेहद बड़ी मात्रा में रिक्तियों की वजह से कार्य का अमानवीय बोझ, काम के बेहद असुरक्षित हालात, इन सभी समस्याओं का हर रोज मुकाबला करना पड़ रहा है। इसलिए यह अत्यावश्यक हो गया है, कि सभी रेल कर्मचारी, संगठनात्मक अलगाव को परे रखकर, इन सभी मसलों के खिलाफ फौलादी एकता की आवाज उठाएं। “एक पर हमला याने सब पर हमला – एक पर हमला तो सभी का एकजुट विरोध” इस सिद्धांत को असल में लागू करें। “रेल कर्मचारी मजदूर देश के अर्थव्यवस्था की रीढ़ की हड्डी है” यह कहना देश के सभी नेता नहीं भूलते अब वक्त आ गया है कि रेल कर्मचारी मजदूर उन्हें दिखाएं कि इस रीढ़ की हड्डी की एकता की ताकत क्या है!
संपर्क : 9820119317
