ट्रेन सुरक्षित चले तथा हजारों जिंदगियां सुरक्षित अपने गंतव्य तक पहुंचे, यह सुनिश्चित करने वाले भारतीय रेल के लोको पायलटों के साथ अनेक अन्याय हो रहे हैं। उनमे से एक है उनके वेतन के बारे में अन्याय। DA 50 प्रतिशत पार होते ही अन्य कर्मचारियों को 25 प्रतिशत बढ़ोतरी स्वतः मिली, लेकिन लोको पायलटों को इंकार किया गया। छठे तथा सातवे वेतन आयोग में अन्याय जारी रहा। Mean pay के बजाय Minimum pay के आधार पर हिसाब लगाकर KMA निर्धारित किया जा रहा है जिससे हर किलोमीटर पर 2.50 रुपये का नुकसान, यानि रोज करीब 300 रुपये का नुकसान उन्हें हो रहा है। 12 जून 2024 से लगातार यह मसला रेलवे बोर्ड के साथ उठाया जा रहा है। 27 महिनों से ख़त और ज्ञापन, प्रदर्शन, अनशन आदि तरह से संघर्ष जारी है। 27 मार्च 2026 के दिन दिल्ली में हुए प्रदर्शन में भी यह मांग एक प्रमुख मांग थी। इसी विषय के बारे में एक वीडियो हम प्रस्तुत कर रहे हैं।
