ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन (AIPEF) का बधाई संदेश
हरियाणा के बिजली कर्मचारियों और इंजीनियरों ने एक बार फिर दिखा दिया है कि एकता, दृढ़ संकल्प और बिना समझौता किए किए गए संघर्ष से क्या हासिल किया जा सकता है। यह लड़ाई बिजली क्षेत्र के निजीकरण के खिलाफ थी, जो कर्मचारियों और उपभोक्ताओं के हितों के खिलाफ था। यह पूरे समाज के हितों की रक्षा के लिए लड़ी गई लड़ाई थी। उन्होंने इस संघर्ष को आगे बढ़ाने के लिए कर्मचारियों और इंजीनियरों की यूनियनों का एक संयुक्त मोर्चा बनाया और ज़ोर देकर कहा कि जब तक लिखित आश्वासन नहीं मिलता, वे हड़ताल पर जाने का अपना फ़ैसला नहीं बदलेंगे। नेशनल कोऑर्डिनेशन कमिटी ऑफ़ इलेक्ट्रिसिटी एम्प्लॉईज़ एंड इंजीनियर्स (NCCOEEE) और ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फ़ेडरेशन (AIPEF) ने भी इस संघर्ष को अपना पूरा समर्थन दिया। हरियाणा के बिजली कर्मचारियों का यह संघर्ष दूसरे राज्यों के बिजली कर्मचारियों को भी निजीकरण के खिलाफ और ज़्यादा एकजुट और दृढ़ संकल्प के साथ संघर्ष करने के लिए प्रेरित करेगा।

बहुत-बहुत बधाई!
हरियाणा के बिजली इंजीनियरों और कर्मचारियों के संघर्ष की शानदार जीत!
ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन (AIPEF) हरियाणा के विद्युत अभियंता और कर्मचारियों को उनके दृढ़, एकजुट और लोकतांत्रिक संघर्ष के लिए हार्दिक बधाई और क्रांतिकारी सलाम देता है!
सरकार के साथ लगातार संघर्ष और बातचीत के बाद, और लिखित आश्वासन मिलने के आधार पर, 11, 12 और 13 अगस्त 2026 को प्रस्तावित तीन दिन की हड़ताल वापस ले ली गई है।
संघर्ष की मुख्य उपलब्धियाँ:
- हरियाणा में कृषि वितरण कंपनी बनाने की प्रक्रिया को फिलहाल रोक दिया गया है।
- हरियाणा सरकार गुरुग्राम और नूंह में समानांतर वितरण लाइसेंस के प्रस्ताव का विरोध करेगी।
- स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने के मामले में, ग्राहकों के पास प्रीपेड या पोस्टपेड मीटर चुनने का विकल्प होगा।
- तकनीकी कर्मचारियों और अभियंता के तबादले और तैनाती से जुड़ी ऑनलाइन ट्रांसफर नीति के तहत, कनिष्ठ अभियन्ता के स्तर से नीचे के तकनीकी पदों को फिलहाल इस नीति से बाहर रखा गया है।
- सरकार और प्रबंधन ने कैडर पुनर्गठन, पदोन्नति और जोखिम भत्ता, और कर्मचारियों के हितों से जुड़े मुद्दों पर सकारात्मक आश्वासन दिया है।
यह केवल हरियाणा की जीत नहीं है; यह पूरे बिजली क्षेत्र की रक्षा के संघर्ष की जीत है!
AIPEF का दृढ़ विश्वास है कि एकता, संघर्ष और संगठनात्मक शक्ति के माध्यम से बिजली क्षेत्र के निजीकरण के हर प्रयास का प्रतिरोध किया जा सकता है और उसे विफल किया जा सकता है।
हरियाणा के पावर कर्मचारियों और इंजीनियरों ने एक बार फिर साबित किया:
“एकता हमारी ताकत है — संघर्ष हमारी पहचान है!”
AIPEF हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं अभियंता संयुक्त संघर्ष मोर्चा को उसके ऐतिहासिक संघर्ष के लिए हार्दिक बधाई देता है!
संघर्ष जारी रहेगा — बिजली क्षेत्र को निजीकरण से बचाने का हमारा संकल्प और भी मजबूत होगा।
इंकलाब ज़िंदाबाद!
AIPEF
