AIUTUC ने प्रति सप्ताह 90 घंटे काम शुरू करने के प्रस्ताव की निंदा की

आल इंडिया यूनाइटेड ट्रेड यूनियन सेंटर (AIUTUC) द्वारा प्रेस विज्ञप्ति

(अंग्रेजी विज्ञप्ति का अनुवाद)

आल इंडिया यूनाइटेड ट्रेड यूनियन सेंटर

(AIUTUC)
अखिल भारतीय समिति

सं…….

दिनांक: 13 जनवरी, 2025

सेवा में
रिपोर्टर-इन-चीफ/समाचार संपादक

(प्रकाशन/प्रसार के लिए)

लार्सन एंड टूब्रो (L&T) के सीएमडी श्री सुब्रह्मण्यम द्वारा सप्ताह में 90 घंटे काम शुरू करने के प्रस्ताव की निंदा करते हुए, AIUTUC के महासचिव श्री शंकर दासगुप्ता ने निम्नलिखित बयान जारी किया है।

“ऑल इंडिया यूनाइटेड ट्रेड यूनियन सेंटर (AIUTUC) की अखिल भारतीय समिति लार्सन & टूब्रो (L & T) के सीएमडी श्री सुब्रह्मण्यम के अमानवीय प्रस्ताव पर गंभीर आश्चर्य व्यक्त करती है, जिन्होंने राष्ट्र निर्माण के लिए श्रमिकों को एक सप्ताह में 90 घंटे काम देने का सुझाव दिया है।

हम सभी जानते हैं, एक सप्ताह में 48 घंटे काम (यानी प्रति दिन 8 घंटे) का अधिकार दुनिया भर में मजदूर वर्ग के दशकों के संघर्ष के परिणामस्वरूप पेश किया गया था और यह ऐतिहासिक मई दिवस के साथ अविभाज्य रूप से जुड़ा हुआ है। यह अब सबसे महत्वपूर्ण ILO सम्मेलनों में से एक है, जिस पर हमारा देश भी हस्ताक्षरकर्ता है। यह बिना कहे स्पष्ट है कि, एक राष्ट्र निर्माण के लिए, राज्य द्वारा उचित तरीके से कुल जनशक्ति का उपयोग प्राथमिक शर्त है। लेकिन हमारे देश की स्थिति क्या है?

नीतियां इस तरह से तैयार की जाती हैं कि नौकरी के अवसर तेजी से कम हो रहे हैं बेरोजगारी की समस्या में तीव्र वृद्धि के कारण बेरोजगार युवा अकल्पनीय संकट की स्थिति से गुजर रहे हैं। ऐसी स्थिति में, “राष्ट्र निर्माण” के नाम पर सप्ताह में 90 घंटे काम की व्यवस्था लागू करना वास्तव में कॉर्पोरेट्स के अति-लाभ के लिए है और इसके लिए मजदूर वर्ग को मध्ययुगीन शोषण के युग में धकेलना ही होगा तथा यह न केवल उनके संकटों को बढ़ाएगा, बल्कि साथ ही साथ मजदूर समुदाय के बेरोजगार युवाओं के एक बड़े हिस्से के रोजगार के अवसरों को भी छीन लेगा।

हमारा दृढ़ मत है कि हमारे देश में बढ़ती बेरोजगारी की समस्या के लिए तत्काल 48 घंटे के बजाय 36 घंटे काम की व्यवस्था लागू करना आवश्यक है। इसलिए हम आम तौर पर कामकाजी लोगों और खासकर नौकरी की तलाश में भटक रहे बेरोजगार युवाओं से आह्वान करते हैं कि वे सप्ताह में 36 घंटे काम की मांग को लेकर एकजुट होकर शक्तिशाली आंदोलन खड़ा करें।

समाचार,

(दीपक देब)

सदस्य, अखिल भारतीय सचिवालय एवं

कार्यालय सचिव

AIUTUC

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