पॉइंट्समैन श्रेणी के कर्मचारी, 2 साल की अनिवार्य सेवा पूरी होने पर पदोन्नति के एक समान नियम को लागू करवाने के लिए लगातार संघर्ष कर रहे हैं। यह नियम कुछ चुनिंदा ज़ोन में तो लागू है, लेकिन कई ज़ोन इससे वंचित हैं; जिसके कारण उन्हें न केवल आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, बल्कि उनके करियर में आगे बढ़ने के अवसरों पर भी बुरा असर पड़ रहा है। इनके पदोन्नति की अवधि पहले 3 वर्ष थी, लेकिन बाद में इसे घटाकर 2 वर्ष कर दिया गया। AIPMA और पॉइंट्समैन कर्मचारियों की ओर से कई बार अभ्यावेदन दिए जाने के बावजूद, रेलवे अधिकारियों ने अभी तक कोई अधिसूचना जारी नहीं की है। AIPMA इस मुद्दे पर लगातार अपनी आवाज़ उठा रहा है, लेकिन रेलवे प्रशासन और रेल मंत्रालय इस पर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।
चुनिंदा ज़ोन में इसे लागू करना अधिकारियों की एक विभाजनकारी चाल के अलावा और कुछ नहीं है। यदि रेलवे सरकार द्वारा संचालित एक ही संस्थान है, तो इसे एक ज़ोन में लागू करना और दूसरे ज़ोन को इससे वंचित रखना, सभी के साथ घोर अन्याय है। रेलवे के विभिन्न श्रेणियों के हम सभी कर्मचारियों को एकजुट होकर इस अन्याय के विरुद्ध मिलकर संघर्ष करना होगा।
