टाटा स्टील समूह की सहायक कंपनी के संविदा मज़दूरों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर प्रदर्शन किया

मज़दूर एकता कमेटी के संवाददाता की रिपोर्ट

झारखंड के प्रमुख औद्योगिक केंद्र, जमशेदपुर स्थित टिनप्लेट कंपनी ऑफ इंडिया लिमिटेड (टीसीआईएल) के मुख्य गेट पर, 4 मई, 2026 को संविदा मज़दूरों ने संयुक्त ट्रेड यूनियन के बैनर तले अपनी लंबित मांगों को लेकर प्रदर्शन किया और राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा।

टिनप्लेट कंपनी ऑफ इंडिया लिमिटेड (टीसीआईएल), एक टाटा स्टील समूह की बड़ी सहायक कंपनी है, जो देश में 35 प्रतिशत से अधिक बाज़ार को कंट्रोल करती है। इसकी स्थापना 1920 में हुई थी। इसका मुख्य विनिर्माण संयंत्र गोलमुरी, जमशेदपुर, झारखंड में स्थित है। यह मुख्य रूप से खाद्य प्रसंस्करण, पेंट और एयरोसोल उत्पादों के लिये पैकेजिंग स्टील (टिनप्लेट) का निर्माण करती है। इसकी वर्तमान में वार्षिक उत्पादन क्षमता लगभग 3,79,000 मीट्रिक टन है। यह टिन-फ्री स्टील (टीएफएस) और कोल्ड रोल्ड स्टील का भी उत्पादन करती है। यह अपने उत्पादों का एक-चैथाई हिस्सा अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों में निर्यात करती है।

टिनप्लेट कंपनी ऑफ इंडिया लिमिटेड अपने मुनाफ़ों को बढ़ाने के इरादे से, कामों का आउटसोर्सिंग करके और मज़दूरों को संविदा पर रखकर, उनका अधिक से अधिक शोषण कर रही है।

प्रदर्शनकारी मज़दूरों का कहना है कि वे अगस्त 2019 से अक्तूबर 2025 तक कॉन्ट्रैक्टर मेसर्स ए.बी. कंस्ट्रक्शन के तहत कंपनी के नर्सरी विभाग (बागवानी और रख-रखाव) में कार्यरत थे। 31 अक्तूबर 2025 को अचानक 16 मज़दूरों को काम से निकाल दिया गया।

नर्सरी विभाग के काम का ठेका दोबारा से मेसर्स ए.बी. कंस्ट्रक्शन को मिल गया, लेकिन निकाले गये 16 मज़दूरों को काम पर वापस नहीं लिया जा रहा है और नियमानुसार अंतिम भुगतान (फाइनल सेटलमेंट) भी अब तक नहीं किया गया है।

मज़दूरों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि प्रबंधन 15 दिनों के भीतर उनकी बहाली और बकाया भुगतान पर कोई उचित कार्यवाही नहीं करता है, तो वे बड़े आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।

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