भारत सरकार के पूर्व सचिव श्री ई.ए.एस. सर्मा का दूरसंचार विभाग के सचिव को पत्र
केंद्र सरकार ने जान-बूझकर BSNL और MTNL जैसी सरकारी दूरसंचार कंपनियों को कमज़ोर करके मोबाइल टेलीफ़ोन सेवा के क्षेत्र में Airtel और Jio का द्वयधिकार (डुओपॉली) बना दिया है। BSNL को 4G का लाइसेंस नहीं दिया गया ताकि ये दो निजी कंपनियाँ BSNL के ग्राहकों को अपनी ओर खींच सकें। Jio को अलग-अलग मोबाइल सेवा के लिए बहुत कम दाम रखने की इजाज़त दी गई ताकि वह अपने प्रतिस्पर्धियों को खत्म कर सके। नतीजा यह है कि अब लोग इन दो निजी दूरसंचार कंपनियों की मर्ज़ी पर निर्भर हैं और वे अपनी इच्छा से दाम बढ़ा सकती हैं।

(अंग्रेजी पत्र का अनुवाद)
श्री अमित अग्रवाल 05/07/2026
सचिव
दूरसंचार विभाग
भारत सरकार
प्रिय श्री अग्रवाल,
मुझे ऐसी सूचना मिली हैं कि एयरटेल और जियो जल्द ही ग्राहकों के लिए दर में 20% की बढ़ोतरी करेंगे, क्योंकि उन्हें अपने निवेश से उचित मुनाफा नहीं मिल रहा है।
मैंने पहले आपके विभाग और TRAI को चेतावनी दी थी कि वे दूरसंचार बाजार पर इन दो कंपनियों के द्वयधिकार (डुओपॉलिस्टिक कंट्रोल) से ग्राहकों के हितों की रक्षा के लिए एक नियामक प्रणाली बनाएं। मैंने उस पत्र की एक प्रति यहाँ दी है।
ऐसा नहीं है कि दर के मौजूदा स्तरों पर दोनों कंपनियाँ मुनाफ़ा नहीं कमा रही हैं, जैसा कि नीचे दिखाया गया है।
शुद्ध लाभ (₹ करोड़)
|
वर्ष |
एयरटेल |
जियो |
|
2025-26 |
33,823 |
30,053 |
|
2024-25 |
37,481 |
24,795 |
|
2023-24 |
8,558 |
20,466 |
|
2022-23 |
12,287 |
16,899 |
|
2021-22 |
8,305 |
14,817 |
DOT यह बर्दाश्त नहीं कर सकता कि दूरसंचार कंपनियाँ अपनी सेवा की गुणवत्ता बेहतर किए बिना ही ग्राहकों से मनमाना पैसा वसूलती रहें। मैं यहाँ यह बताना चाहूँगा कि ग्राहकों की समस्याओं के प्रति DOT की बेरुखी के कारण, इन कंपनियों की सेवा की तकनीकी गुणवत्ता खराब हुई है।
क्या मैं यह मांग कर सकता हूं कि DOT, TRAI को इन कंपनियों पर दर नियम लागू करने का अधिकार दे, ताकि ग्राहकों के हितों की रक्षा की जा सके?
भवदीय,
ई ए एस सर्मा
भारत सरकार के पूर्व सचिव
विशाखापत्तनम
5-7-2026
मेरा पिछला पत्र
ई ए एस सर्मा
पूर्व सचिव, भारत सरकार
सेवा में,
श्री ए के लाहोटी
अध्यक्ष
ट्राई (TRAI)
आदरणीय श्री लाहोटी,
मैं यह पत्र 10 जुलाई, 2024 को लिखे अपने पिछले पत्र के सिलसिले में लिख रहा हूँ। उस पत्र में मैंने बताया था कि कैसे दो दूरसंचार सेवा प्रदाता द्वारा बिना किसी नियामक (TRAI या डिपार्टमेंट ऑफ़ टेलीकम्युनिकेशन्स – DOT की ओर से) के एकतरफ़ा तौर पर दर बढ़ाने से देश भर के लाखों ग्राहकों के हितों पर बुरा असर पड़ा है (https://countercurrents.org/2024/07/the-two-telecom-companies-have-unilaterally-hiked-tariffs-to-raise-additional-profits-of-over-rs-100000-crores-per-year-should-not-trai-raise-its-voice/)
TRAI और DOT, दोनों ही ग्राहकों के हितों की रक्षा करने में न सिर्फ़ नाकाम रहे हैं, बल्कि ऐसा लगता है कि ग्राहकों के ख़िलाफ़ लिए गए फ़ैसलों के लिए दूरसंचार सेवा प्रदाताओं को आपकी मौन सहमति भी मिली हुई है।
ताज़ा रिपोर्टों से पता चलता है कि TRAI/DOT की तरफ़ से कोई कार्रवाई न होने से उत्साहित होकर, भारती एयरटेल (जो दो प्रमुख कंपनियों में से एक है) एक बार फिर टैरिफ़ बढ़ाने की तैयारी में है (https://timesofindia.indiatimes.com/technology/tech-news/bharti-airtel-md-gopal-vittal-backs-another-tariff-hike-heres-what-he-said/articleshow/114727835.cms)
हाल की रिपोर्टों (https://economictimes.indiatimes.com/markets/stocks/earnings/bharti-airtel-q2-results-net-profit-soars-168-yoy-to-rs-3593-crore-revenue-jumps-12/articleshow/114690626.cms) के अनुसार, सितंबर 2024 में खत्म हुई तिमाही में एयरटेल का सकल मुनाफ़ा पिछले साल की इसी अवधि के मुनाफे की तुलना में 168% बढ़कर 3,593 करोड़ रुपये हो गया। इसके बावजूद, कंपनी लागत में कटौती करके नहीं, बल्कि ग्राहकों से ज़्यादा पैसे वसूलकर अपना मुनाफ़ा कई गुना बढ़ाना चाहती है।
यह दुखद है कि TRAI और DOT दोनों ही लाखों ग्राहकों की हो रही इस लगातार लूट में मूक (या शायद जान-बूझकर?) दर्शक बने हुए हैं, और इन ग्राहकों के पास राहत के लिए किसी का सहारा नहीं है; जबकि ऐसी एकाधिकार वाली स्थिति पैदा करने के लिए सीधे तौर पर DOT ही ज़िम्मेदार है।
क्या मैं आपसे ग्राहकों की ओर से कदम उठाने और इस खुली लूट को रोकने की अपील कर सकता हूँ?
भवदीय,
ई ए एस सर्मा
विशाखापत्तनम
2 नवंबर 2024
