मज़दूर एकता कमेटी के संवाददाता की रिपोर्ट

19 अगस्त को उड़ीसा के भुवनेश्वर में एप्प-बेस्ड कैब, ऑटो-रिक्शा और बाइक राइडर्स ने किराया बढ़ाने, एप्लीकेशन फ़ीस कम करने, सामाजिक सुरक्षा और अन्य मांगों को लेकर प्रदर्शन किया।
इससे पूर्व, सभी एप्प-बेस्ड मज़दूरों – कैब, ऑटो-रिक्शा, बाइक राइडर्स – ने 17 अगस्त को काम बंद कर दिया था और राज महल चौक से रैली निकाली थी। पुलिस ने प्रदर्शन को ख़त्म करने के लिये मज़दूरों पर लाठी चार्ज किया।
पिछले 10 सालों से एप्प-बेस्ड मज़दूरों की संख्या बढ़ती जा रही है। ऑटो-रिक्शा चालक, बाईक चालक, टैक्सी चालक, घरेलू सामान पहुंचाने वाले, पोर्टर चालक – ये सभी मज़दूर अपने पैसों से कार, ऑटो, बाईक, ख़रीदकर किसी एप्प पर रजिस्ट्रेशन करके, उनके लिये काम करते हैं। इन मज़दूरों का स्थाई वेतन नहीं होता है, और न ही इनको ईएसआई, पीएफ, ग्रेज्यूटी आदि मिलता है। ये मज़दूर अपनी गाड़ी, अपना पेट्रोल, मेनटेनेंस, गाड़ी का बीमा, अपना मोबाईल व रिचार्ज पर खुद ख़र्च करते हैं। सर्दी, गर्मी, बरसात में दिन-रात इन मज़दूरों को काम करना पड़ता है।
देशी-विदेशी सरमायदार जो एप्प-बेस्ड कंपनी चलाते हैं, वे बेशुमार मुनाफ़ा कमाते हैं। ये देशी-विदेशी कंपनियां सरकार के साथ मिलकर मज़दूरों की गाढ़ी कमाई को लूटने का काम करती हैं।
एप्प-बेस्ड मज़दूरों की मांगें पूरी तरह जायज़ हैं।
