इंजीनियर बलजीत बेनीवाल, वरिष्ठ उपप्रधान, HPEA से प्राप्त हुई हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर संयुक्त संघर्ष मोर्चा की प्रेस विज्ञप्ति
हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने सरकार और निगम प्रबंधन पर कर्मचारियों की मांगों के समाधान के संबंध में किए गए वायदों को पूरा न करने का आरोप लगाते हुए राज्यव्यापी आंदोलन का ऐलान किया है। बिजली मंत्री अनिल विज एवं निगम प्रबंधन के साथ हुई वार्ता के बाद 11, 12 और 13 अगस्त को प्रस्तावित हड़ताल स्थगित की गई थी, लेकिन दो महिने बीतने के बावजूद मांगों पर कोई ठोस समाधान नहीं हुआ, इसलिए मोर्चा ने अक्तूबर से दिसंबर तक अलग अलग तरह से आंदोलन घोषित किये हैं।

बिजली कर्मचारियों से वायदाखिलाफी के खिलाफ आंदोलन का ऐलान: संयुक्त संघर्ष मोर्चा
प्रेस विज्ञप्ति,रोहतक
10अक्टूबर 2026
हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने सरकार और निगम प्रबंधन पर कर्मचारियों की मांगों के समाधान के संबंध में किए गए वायदों को पूरा न करने का आरोप लगाते हुए राज्यव्यापी आंदोलन का ऐलान किया है। मोर्चा ने कृषि वितरण निगम बनाने, गुरुग्राम एवं नूंह में पैरलल लाइसेंस जारी करने, HVPNL में TBCB योजना लागू करने तथा स्मार्ट मीटरिंग योजना के विरोध सहित बिजली कर्मचारियों, इंजीनियरों, किसानों और आम उपभोक्ताओं से जुड़े मुद्दों पर सरकार की नीतियों की आलोचना की।
मोर्चा के अनुसार, बिजली मंत्री अनिल विज एवं निगम प्रबंधन के साथ हुई वार्ता के बाद 11, 12और 13अगस्त को प्रस्तावित हड़ताल स्थगित की गई थी, लेकिन दो महीने बीतने के बावजूद मांगों पर कोई ठोस समाधान नहीं हुआ।
इसी के विरोध में आज कर्मचारी भवन, सुखपुरा चौक, रोहतक में हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर संयुक्त संघर्ष मोर्चा की राज्य स्तरीय कन्वेंशन हरियाणा पावर इंजीनियर्स एसोसिएशन के राज्य प्रधान इंजीनियर पूनित कुंडू की अध्यक्षता में आयोजित की गई। मंच संचालन HSEB वर्कर्स यूनियन के राज्य महासचिव यशपाल देशवाल ने किया। कन्वेंशन में प्रदेशभर से विभिन्न कर्मचारी यूनियनों एवं इंजीनियर एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने भाग लिया।
कन्वेंशन में ऑल हरियाणा पावर कॉरपोरेशन वर्कर यूनियन, HSEB वर्कर यूनियन मुख्यालय भिवानी, ऑल हरियाणा अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग यूनियन तथा हरियाणा पावर इंजीनियर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधि शामिल हुए।
पैरलल लाइसेंस और कृषि वितरण निगम पर जताई चिंता
संयुक्त संघर्ष मोर्चा के वरिष्ठ नेताओं चेयरमैन देवेंद्र सिंह हुड्डा, प्रधान इकबाल चंदाना एवं प्रधान विजेंद्र बराड़ ने कहा कि मोर्चा गुरुग्राम और नूंह में पैरलल लाइसेंस जारी करने की योजना का विरोध करता है। उनके अनुसार, गुरुग्राम से DHBVN को मिलने वाला राजस्व बिजली वितरण व्यवस्था और क्रॉस-सब्सिडी के लिए महत्वपूर्ण है। निजी लाइसेंस व्यवस्था लागू होने पर गरीब उपभोक्ताओं और किसानों को मिलने वाली सब्सिडी तथा सरकारी बिजली वितरण निगमों की वित्तीय स्थिति पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है।
नेताओं ने कहा कि बिजली वितरण व्यवस्था में निजी कंपनियों की भागीदारी से उपभोक्ताओं के हितों पर पड़ने वाले प्रभाव का गंभीरता से आकलन किया जाना चाहिए। मोर्चा ने BSNL और चंडीगढ़ बिजली व्यवस्था के उदाहरण देते हुए सार्वजनिक संस्थानों को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
कृषि वितरण निगम के प्रस्ताव पर मोर्चा ने कहा कि हरियाणा में कृषि फीडर पहले से अलग हैं और किसानों को निर्धारित शेड्यूल के अनुसार बिजली दी जाती है। ऐसे में अलग कृषि वितरण निगम बनाने की आवश्यकता पर सवाल उठाते हुए नेताओं ने आशंका जताई कि इससे किसानों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ सकता है और मौजूदा क्रॉस-सब्सिडी व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
मोर्चा ने स्पष्ट किया कि वह बिजली निगमों की संपत्तियों को बेचने, निजी लाइसेंस व्यवस्था लागू करने तथा सार्वजनिक बिजली व्यवस्था को कमजोर करने वाली नीतियों का विरोध करेगा।
आंदोलन का कार्यक्रम घोषित
हरियाणा पावर इंजीनियर्स एसोसिएशन के राज्य प्रधान इंजीनियर पूनित कुंडू ने कन्वेंशन में आंदोलन के आगामी कार्यक्रम की घोषणा की।
* 17अक्टूबर 2026: पैरलल लाइसेंस व्यवस्था एवं अलग कृषि वितरण निगम के विरोध में रोहतक में प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं की राज्य स्तरीय कन्वेंशन।
* 23अक्टूबर 2026: नूंह में किसान, कर्मचारी एवं उपभोक्ताओं का संयुक्त विरोध प्रदर्शन।
* 3नवंबर 2026: गुरुग्राम में संयुक्त विरोध प्रदर्शन।
* 20नवंबर 2026: केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल के आवासीय कैंप कार्यालय पर प्रदेश स्तरीय प्रदर्शन।
* 1, 2एवं 3दिसंबर 2026: मांगों का समाधान नहीं होने पर बिजली कर्मचारियों एवं इंजीनियरों की तीन दिवसीय हड़ताल। इस अवधि में प्रदेश के गांवों एवं शहरों में जनसभाएं भी आयोजित की जाएंगी।
प्रमुख मांगें
संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने निम्नलिखित मांगों को प्रमुखता से उठाया:
1. अलग कृषि वितरण निगम बनाने की योजना वापस ली जाए।
2. पैरलल लाइसेंस एवं स्मार्ट मीटरिंग योजना बंद की जाए।
3. HVPNL में TBCB योजना पर पुनर्विचार कर इसे बंद किया जाए।
4. सभी कच्चे कर्मचारियों को नियमित किया जाए।
5. महंगाई के अनुरूप भत्ते तथा सभी कर्मचारियों को जोखिम भत्ता दिया जाए।
6. पुरानी पेंशन योजना बहाल की जाए।
7. NPS से सेवानिवृत्त कर्मचारियों को मेडिकल भत्ता एवं मेडिकल बिलों का भुगतान किया जाए।
8. बिजली निगमों में रिक्त पदों पर नियमित भर्ती की जाए।
9. महिलाओं के लिए क्रेच रूम की व्यवस्था की जाए।
10. इंटर-यूटिलिटी व्यवस्था लागू की जाए तथा आरक्षण का बैकलॉग पूरा किया जाए।
11. कॉमन कैडर के कर्मचारियों की पदोन्नति की जाए।
12. एक्सग्रेशिया पॉलिसी में लगाई गई शर्तें हटाई जाएं।
13. HPGCL एवं HVPNL में पदों का पुनर्गठन किया जाए।
मोर्चा नेताओं ने कहा कि कर्मचारियों, इंजीनियरों, किसानों और आम बिजली उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए आंदोलन को प्रदेशव्यापी स्तर पर आगे बढ़ाया जाएगा।
कन्वेंशन में सुरेश राठी, राजेंद्र सिरोही, राजेंद्र राणा, रविंद्र घणघस, राजेश सिरोही, इंजीनियर बलजीत बेनीवाल, विजेंद्र भाटिया, राजकुमार महला, सत्येंद्र सहारण, सुरेंद्र यादव, विजय पाल हुड्डा, सत्यवान यादव (नारनौल), सतीश गोयत सहित अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे।
जारीकर्ता:
संयुक्त संघर्ष मोर्चा की ओर से
इंजीनियर बलजीत बेनीवाल
वरिष्ठ उपप्रधान, HPEA
मोबाइल: 9354679222
