बिजली कर्मचारियों की हड़ताल का नगरपालिका कर्मचारी संघ ने किया समर्थन, समानांतर वितरण लाइसेंस का फैसला वापस ले सरकार

नगरपालिका कर्मचारी संघ, हरियाणा एवं संबंधित सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा का प्रेस नोट

नगरपालिका कर्मचारी संघ, हरियाणा एवं संबंधित सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा

प्रेस नोट

बिजली कर्मचारियों की हड़ताल का नगरपालिका कर्मचारी संघ ने किया समर्थन, समानांतर वितरण लाइसेंस का फैसला वापस ले सरकार – नरेश कुमार शास्त्री,

चंडीगढ़, 22 अक्टूबर 2026

नगरपालिका कर्मचारी संघ, हरियाणा, संबंधित सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा ने बिजली कर्मचारियों एवं इंजीनियरों की 22 से 24 अक्टूबर तक की हड़ताल का पुरजोर समर्थन किया है। संघ ने मुख्यमंत्री को संबोधित पत्र में हड़ताल के मुद्दों का तत्काल समाधान करने तथा समानांतर बिजली वितरण लाइसेंस संबंधी फैसले को निरस्त करने के लिए आवश्यक नीतिगत एवं विधायी कार्रवाई करने की मांग की है।

संघ के राज्य प्रधान नरेश कुमार शास्त्री, महासचिव मांगेराम तिगरा, वरिष्ठ प्रधान रमेश तुषामड, कोषाध्यक्ष महेंद्र सगेलिया, मुख्य संगठनकर्ता शिवचरण एवं उपमहासचिव सुनील चंडालिया ने संयुक्त बयान में कहा कि गुरुग्राम एवं नूंह जिलों में इलेवन पावर कंपनी को 25 वर्षों के लिए समानांतर बिजली वितरण लाइसेंस देने संबंधी फैसला जनहित के विरुद्ध है। उन्होंने आशंका जताई कि इससे सार्वजनिक बिजली वितरण व्यवस्था कमजोर होगी तथा कर्मचारियों की सेवा सुरक्षा और आम उपभोक्ताओं के हित प्रभावित होंगे।

संघ नेताओं ने कहा कि बिजली जैसी आवश्यक सार्वजनिक सेवा के निजीकरण का सवाल कर्मचारियों के साथ-साथ किसानों, मजदूरों, गरीब परिवारों और अन्य उपभोक्ताओं को सस्ती, सुलभ एवं विश्वसनीय बिजली उपलब्ध करवाने से जुड़ा है। सरकार सार्वजनिक बिजली व्यवस्था की रक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को ठोस निर्णयों के माध्यम से प्रदर्शित करे।

नरेश कुमार शास्त्री ने कहा कि केवल पत्राचार और परिणामहीन बैठकों से समस्या का समाधान नहीं होगा। मुख्यमंत्री तत्काल हस्तक्षेप करते हुए मंत्रिमंडल की बैठक बुलाएं और बिजली कर्मचारियों एवं इंजीनियरों के प्रतिनिधि संगठनों से निर्णायक वार्ता करें। समानांतर बिजली वितरण लाइसेंस संबंधी फैसला वापस लेने के लिए उपलब्ध कानूनी विकल्प अपनाए जाएं तथा आवश्यकता होने पर विधानसभा में विधेयक लाया जाए।

संघ नेताओं ने स्मार्ट मीटर लगाने तथा अलग कृषि बिजली वितरण निगम—एग्री-डिस्कॉम—बनाने जैसी नीतियां वापस लेने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि सरकारी विभागों एवं सार्वजनिक सेवाओं के निजीकरण पर रोक लगाकर उन्हें पर्याप्त बजट, संसाधन और कर्मचारी उपलब्ध करवाए जाएं। रिक्त पदों पर बेरोजगार युवाओं की नियमित भर्ती की जाए तथा बढ़ते कार्यभार के अनुसार नए पद सृजित किए जाएं।

नेताओं ने हरियाणा कौशल रोजगार निगम को भंग करके इसके माध्यम से कार्यरत कर्मचारियों को संबंधित सरकारी विभागों में समायोजित करने की मांग की। उन्होंने सभी अनियमित कर्मचारियों के लिए लागू कानूनों एवं न्यायालयों के निर्णयों के अनुरूप दो वर्ष की सेवा के आधार पर नियमितीकरण की नीति बनाने पर भी जोर दिया।

संघ ने कहा कि सरकार कर्मचारियों की मांगों का समयबद्ध समाधान करके टकराव समाप्त करे। समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए और आंदोलन आगे बढ़ा, तो उससे उत्पन्न जनपरेशानियों की नैतिक एवं राजनीतिक जिम्मेदारी सरकार की होगी।

जारीकर्ता:

नरेश कुमार शास्त्री

राज्य प्रधान

नगरपालिका कर्मचारी संघ, हरियाणा

संबंधित सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा

 

 

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