ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन (AIPEF) के अध्यक्ष, श्री शैलेंद्र दुबे का संदेश

(अंग्रेजी संदेश का अनुवाद)
AIPEF हरियाणा के बिजली कर्मचारियों और इंजीनियरों को बधाई देता है।
ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन (AIPEF) हरियाणा के बिजली कर्मचारियों और इंजीनियरों की 48 घंटे की राज्यव्यापी हड़ताल की ऐतिहासिक सफलता को सलाम करता है। यह हड़ताल गुरुग्राम और नूंह में ‘इलेवन पावर’ (Eleven Power) को दिए गए समानांतर बिजली वितरण लाइसेंस के विरोध में की गई थी।
किसानों, ट्रेड यूनियनों और उपभोक्ताओं के समर्थन से लड़े गए इस दृढ़ संघर्ष ने हरियाणा सरकार को ‘बिजली अधिनियम, 2003’ (Electricity Act, 2003) की धारा 108 के तहत एक नीतिगत निर्देश जारी करने के लिए सहमत होने पर मजबूर कर दिया। मुख्यमंत्री ने सार्वजनिक रूप से आश्वासन दिया है कि हरियाणा में ‘पैरेलल लाइसेंस’ समानांतर लाइसेंस की अनुमति नहीं दी जाएगी, जिसके बाद हड़ताल वापस ले ली गई है।
मैं हड़ताल शुरू होने से पहले ही पंचकुला पहुँच गया था और वहीं डेरा डाला। मैंने 24×7 सभी गतिविधियों और घटनाक्रमों पर बारीकी से नज़र रखी। इंजीनियर पुनीत कुंडू, इंजीनियर रविंदर घंघास, इंजीनियर बलजीत बेनीवाल, इंजीनियर जतिन जांगड़ा और उनके सभी साथियों ने दिन-रात अथक परिश्रम करके हरियाणा पावर इंजीनियर्स एसोसिएशन को एक सशक्त ताकत में बदल दिया है।
उनके समर्पण और दृढ़ संकल्प ने हरियाणा के बिजली क्षेत्र के इतिहास में एक नया और ऐतिहासिक अध्याय जोड़ दिया है।
यह एकता, साहस और संघर्ष की भावना देश के पूरे बिजली क्षेत्र के लिए प्रेरणा का स्रोत बने रहें!
हरियाणा ने रास्ता दिखाया है—एकजुटता की यह मशाल और भी तेज जलती रहे!
बिजली कर्मचारियों और इंजीनियरों की एकता और एकजुटता निजीकरण को हरा सकती है और सार्वजनिक बिजली क्षेत्र की रक्षा कर सकती है!!!
इंकलाब जिंदाबाद!
AIPEF
