नोएडा और गुरुग्राम में मज़दूरों के विरोध प्रदर्शनों ने एक बार फिर दिखा दिया है कि ठेका प्रणाली के तहत मज़दूरों का किस तरह शोषण किया जा रहा है। प्रदर्शन कर रहे मज़दूर न्यूनतम मज़दूरी, नौकरी की सुरक्षा और सामाजिक सुरक्षा की मांग कर रहे हैं, जो उनके अधिकार हैं। मज़दूरों की बात सुनने के बजाय राज्य उन्हें दबा रहा है और गिरफ्तार कर रहा है।
इस वीडियो में मज़दूर और उनके नेता कई सवाल उठाते हैं: क्या किसानों ने कृषि क़ानूनों की मांग की थी? क्या मज़दूरों ने चार श्रम संहिताओं की मांग की थी? फिर ये दमनकारी क़ानून हम पर ज़बरदस्ती क्यों थोपे जा रहे हैं? यह कैसी लोकतंत्र है, जिसमें केवल बड़े पूँजीपतियों को ही फायदा हो रहा है? और जानने के लिए वीडियो देखें।
