ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन (AIPEF) द्वारा मुख्यमंत्री को पत्र
प्रस्तावित कृषि वितरण कंपनी का गठन और समानांतर वितरण लाइसेंसधारी की शुरुआत, सार्वजनिक बिजली वितरण प्रणाली के निजीकरण की दिशा में उठाए गए कदमों के अलावा कुछ भी नहीं हैं। ये उपाय किसानों, अन्य उपभोक्ताओं और बिजली कर्मचारियों पर प्रतिकूल प्रभाव डालेंगे। वितरण कंपनी की बिजली वितरण अवसंरचना दशकों से जनता के धन और बिजली कर्मचारियों की कड़ी मेहनत से निर्मित हुई है। कॉरपोरेट कंपनियों और उनके पूंजीवादी मालिकों के लाभ के लिए इसे कमजोर नहीं किया जाना चाहिए।

(अंग्रेजी पत्र का अनुवाद)

सेवा में,
श्री नायब सिंह सैनी
माननीय मुख्यमंत्री
हरियाणा सरकार
चंडीगढ़।
विषय: हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर संयुक्त संघर्ष मोर्चा द्वारा उठाए गए मुद्दों के तत्काल समाधान तथा जनविरोधी विद्युत क्षेत्र संबंधी उपायों की वापसी हेतु अपील।
माननीय मुख्यमंत्री महोदय,
मैं ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन की ओर से आपको यह पत्र लिख रहा हूँ, जो देशभर में CEA तथा विभिन्न राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों की विद्युत उपयोगिताओं में कार्यरत पावर इंजीनियरों का सर्वोच्च राष्ट्रीय महासंघ है।
1. ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन ने हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर संयुक्त संघर्ष मोर्चा द्वारा 11 से 13 अगस्त 2026 तक प्रस्तावित तीन दिवसीय राज्यव्यापी हड़ताल के संबंध में दिए गए हड़ताल नोटिस का गंभीर संज्ञान लिया है। इस नोटिस में कई मुद्दे उठाए गए हैं, विशेष रूप से कृषि वितरण कंपनी के प्रस्तावित पृथक्करण तथा गुरुग्राम और नूंह के लिए इलेवन पावर प्राइवेट लिमिटेड को समानांतर विद्युत वितरण लाइसेंस प्रदान करने के प्रस्ताव को लेकर।
2. ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन हरियाणा की विद्युत उपयोगिताओं के कर्मचारियों एवं इंजीनियरों की वैध चिंताओं और मांगों का पूर्ण एवं स्पष्ट समर्थन करता है। हमारा दृढ़ विश्वास है कि प्रस्तावित कृषि वितरण कंपनी का गठन तथा समानांतर वितरण लाइसेंसधारी की शुरुआत सार्वजनिक विद्युत वितरण प्रणाली के क्रमिक विखंडन और निजीकरण की दिशा में उठाए गए कदम हैं। ऐसे उपाय उपभोक्ताओं, किसानों, कर्मचारियों तथा राज्य की विद्युत उपयोगिताओं की दीर्घकालिक वित्तीय स्थिरता पर प्रतिकूल प्रभाव डालेंगे।
3. समानांतर वितरण संरचनाओं के निर्माण से लाभदायक उपभोक्ताओं का चयनात्मक हस्तांतरण होगा, सार्वजनिक उपयोगिताएँ कमजोर होंगी, वित्तीय दबाव बढ़ेगा और अंततः इसका अधिक बोझ आम उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। सार्वजनिक विद्युत उपयोगिताओं का निर्माण दशकों तक सार्वजनिक निवेश से हुआ है और इन्हें निजी व्यावसायिक हितों के पक्ष में कमजोर नहीं किया जाना चाहिए।
4. हम हरियाणा सरकार से विनम्र आग्रह करते हैं कि वह हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर संयुक्त संघर्ष मोर्चा के प्रतिनिधियों के साथ तत्काल और सार्थक संवाद प्रारंभ करे तथा स्थिति के औद्योगिक विवाद में बदलने से पहले सभी मुद्दों का सौहार्दपूर्ण समाधान निकाले।
5. साथ ही, ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन अत्यंत जिम्मेदारी के साथ यह भी कहना चाहता है कि यदि हरियाणा की विद्युत सेवा के इंजीनियरों और कर्मचारियों को सरकार द्वारा उनकी वास्तविक चिंताओं का समाधान न किए जाने के कारण प्रस्तावित हड़ताल पर जाने के लिए विवश होना पड़ता है, तो देशभर के पावर इंजीनियर अपने हरियाणा के साथियों को पूर्ण समर्थन और एकजुटता प्रदान करेंगे।
6. ऐसी स्थिति में, देश के किसी भी राज्य की विद्युत सेवा से कोई भी पावर इंजीनियर औद्योगिक कार्रवाई की अवधि के दौरान हरियाणा की विद्युत प्रणाली के संचालन अथवा रखरखाव में सहयोग के लिए उपलब्ध नहीं होगा।
7. इसके अतिरिक्त, हमें पूर्ण आशा है कि सरकार शांतिपूर्ण आंदोलन के माध्यम से अपने लोकतांत्रिक एवं ट्रेड यूनियन अधिकारों का प्रयोग कर रहे कर्मचारियों और इंजीनियरों के विरुद्ध किसी भी प्रकार के दमनात्मक या प्रतिशोधात्मक कदम उठाने से बचेगी। तथापि, यदि शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे हरियाणा के कर्मचारियों एवं इंजीनियरों के विरुद्ध किसी प्रकार का उत्पीड़न, अनुशासनात्मक कार्रवाई अथवा अन्य दंडात्मक कदम उठाए जाते हैं, तो ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन उनके वैध अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए राष्ट्रव्यापी समर्थनात्मक संगठनात्मक कार्रवाई करने के लिए बाध्य होगा। ऐसे किसी भी राष्ट्रव्यापी घटनाक्रम की समस्त जिम्मेदारी केवल हरियाणा सरकार की होगी।
8. हम पुनः आपके माननीय कार्यालय से अपील करते हैं कि आप व्यक्तिगत रूप से हस्तक्षेप करें, कृषि वितरण कंपनी तथा समानांतर वितरण लाइसेंस से संबंधित प्रस्तावों को वापस लें, कर्मचारियों और इंजीनियरों के बीच विश्वास बहाल करें तथा व्यापक जनहित में औद्योगिक शांति और निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करें।
हम आपके सकारात्मक हस्तक्षेप की अपेक्षा करते हैं।
भवदीय,

शैलेन्द्र दुबे
अध्यक्ष
प्रतिलिपि:
1. माननीय विद्युत मंत्री, हरियाणा सरकार
2. मुख्य सचिव, हरियाणा सरकार
