मज़दूर एकता कमेटी के संवाददाता की रिपोर्ट

आंध्र प्रदेश जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन के बैनर तले, आंध्र प्रदेश में जूनियर डॉक्टरों ने अपनी मांगों को लेकर 19 अगस्त को समुद्र तट पर विरोध प्रदर्शन किया। यह विरोध प्रदर्शन 11 अगस्त 2026 से चल रही चरणबद्ध हड़ताल का हिस्सा है। हड़ताल में पूरे आंध्र प्रदेश के सरकारी कॉलेज और ट्रेनिंग अस्पताल तथा आंध्र प्रदेश के सभी लोग शामिल हैं।
जूनियर डॉक्टरों ने स्पष्ट किया है कि वे अपने अधिकारों और न्याय के लिये संघर्ष कर रहे हैं। उनकी तीन मांगें हैं:
- स्टाइपेंड में 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी की जाय।
- सीनियर डॉक्टरों की रिटायरमेंट की उम्र 62 से 65 वर्ष किये जाने के प्रस्ताव को वापस लिया जाय।
- नेशनल मेडिकल कमीशन के नियमों के अनुसार प्रोफ़ेसर पद के लिये एमएससी और पीएचडी उम्मीदवारों की भर्ती की जाय।
राज्य सरकार को बार-बार ईमेल और पत्र लिखने के बावजूद उनकी मांगों को सरकार ने आज तक पूरा नहीं किया है और न ही किसी प्रकार की प्रतिक्रिया दी है। इसलिये वे पिछले 10 दिन से हड़ताल कर रहे हैं।
सरकारी आदेशों के अनुसार, स्टाइपेंड में बढ़ोतरी हर दो साल में एक निश्चित प्रतिशत से बढ़ना चाहिये, जो जनवरी 2026 तक होना चाहिये था, पर अभी तक नहीं बढ़ाया गया है।
उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर राज्य सरकार ने इन मांगों को नहीं माना तो आने वाले दिनों में वे अपने संघर्ष को तेज़ करेंगे। डाक्टरों ने स्पष्ट किया कि वे सम्मान की लड़ाई लड़ रहे हैं। वे कमरतोड़ मेहनत कर लोगों की सेवा करते हैं, इसलिये वे सम्मान के अधिकारी हैं, उन्हें सम्मान मिलना चाहिये।
