मज़दूर एकता कमेटी के संवाददाता की रिपोर्ट

इलेक्ट्रिसिटी इंप्लाइज फेडरेशन ऑफ इंडिया (EEFI) की मीटिंग 4 जून, 2026 को चंडीगढ़ में हुई, जिसमें फै़सला लिया गया कि देशभर में जन-जागृति और संघर्ष अभियान शुरू किया जायेगा।
मीटिंग में हरियाणा, पंजाब, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, उत्तराखंड और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। मीटिंग में सभी की सहमति से हरियाणा में एग्रीकल्चर डिस्कॉम का गठन करने और स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने के फै़सले की कड़ी आलोचना की गई। फेडरेशन ने इन मुद्दों के ख़िलाफ़ सर्व हिन्द जन-जागरण अभियान चलाने का निर्णय लिया।
EEFI के उपाध्यक्ष ने कहा कि बिजली का निजीरकण, स्मार्ट मीटरिंग, पुरानी पेंशन योजना (OPS), ठेका मज़दूरों का नियमितीकरण और श्रम संहिताओं से जुड़े मुद्दों पर संघर्ष को और तेज़ किया जायेगा। उन्होंने कहा कि बिजली क्षेत्र में लागू होने वाली नीतियों से सिर्फ़ मज़दूरों या ठेका मज़दूरों को ही नुकसान नहीं होगा बल्कि यह व्यापक तौर पर देश की जनता के हितों के ख़िलाफ़ भी होगा। इन नीतियों के ख़िलाफ़ जुलाई 2026 से जनता को जागृत करने के लिये अभियान चलाया जायेगा। इस दौरान मज़दूरों की समस्याएं, श्रम संहिताएं, वेतन पुनरीक्षण, ठेका मज़दूरों का नियमितीकरण, एग्रीकल्चर डिस्कॉम, स्मार्ट मीटरिंग व्यवस्था और पुरानी पेंशन जैसे मुद्दों पर जन-जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस अभियान का समापन अगस्त 2026 में राज्य बिजली विभागों के मुख्यालयों के बाहर बड़े धरना-प्रदर्शनों के रूप में होगा, जिसमें मज़दूरों के परिवारों, छात्रों, युवाओं, महिलाओं और किसान संगठनों की भागीदारी भी सुनिश्चित की जाएगी।
वक्ताओं ने कहा कि ठेका मज़दूरों के मुद्दों को प्राथमिकता देते हुये 31 अगस्त 2026 तक राज्य स्तर के सम्मेलन आयोजित किये जायेंगे, तथा इसके बाद अक्तूबर-नवम्बर 2026 में ठेका मज़दूरों की एक दिवसीय देशव्यापी हड़ताल भी आयोजित करने की योजना है।
