कामगार एकता कमिटी के संवाददाता की रिपोर्ट

पंजाब सरकार के 3 लाख से ज़्यादा कर्मचारी अपनी लंबे समय से लंबित मांगों को मनवाने के लिए 27 अगस्त 2026 को राज्यव्यापी हड़ताल पर चले गए।
राज्य सरकार के कर्मचारियों के 150 से ज़्यादा संगठन ‘पंजाब सांझा मुलाज़िम मंच’ के बैनर तले ‘महा हड़ताल’ के लिए एकजुट हुए ताकि राज्य सरकार उनकी लंबे समय से लंबित मांगों को मान ले।

कर्मचारियों की मुख्य मांगों में लंबित 18% महंगाई भत्ता (DA) जारी करना, पुरानी पेंशन योजना लागू करना, सातवें वेतन आयोग की विसंगतियों को ठीक करना, रोके गए 12% वित्तीय भत्ते को बहाल करना, स्कूल शिक्षकों को दी गई बर्खास्तगी की ‘कारण बताओ’ (show-cause) नोटिस वापस लेना और कॉन्ट्रैक्ट व आउटसोर्स कर्मचारियों को नियमित करना शामिल है। कर्मचारियों का कहना है कि बार-बार आश्वासन दे ने के बावजूद, राज्य सरकार उनकी लंबे समय से लंबित मांगों को पूरा करने में नाकाम रही है।
बठिंडा, बरनाला, मानसा, मोगा, मुक्तसर और फरीदकोट में कर्मचारियों ने ज़िला कलेक्टर कार्यालयों के बाहर विरोध प्रदर्शन किया, जबकि SDM और तहसील कार्यालयों में भी इसी तरह के प्रदर्शन हुए। सरकारी शिक्षकों ने भी ज़िला शिक्षा कार्यालयों में विरोध प्रदर्शन किया।
संयुक्त कार्य समिति (Joint Action Committee) 30 अगस्त को लुधियाना में बैठक करेगी और आगे की कार्रवाई पर फ़ैसला लेगी।
