मध्य रेलवे के सोलापुर मंडल के लोको पायलटों ने फिर उठाया अमानवीय ड्यूटी के घंटों का मुद्दा!

कई वर्षों से, देशभर में भारतीय रेल के लोको पायलट, लगातार उनके अमानवीय ड्यूटी के घंटों की बात उठा रहे है। विशेषकर ऑल इंडिया लोको रनिंग स्टाफ एसोसिएशन (AILRSA) के नेतृत्व में उन्होंने इस मुद्दे पर लगातार आंदोलन भी किया है। AIFAP की इस वेबसाईट पर हमने उसपर कई रिपोर्ट साँझा किए है। इसी विषय को मुख्य रूप से उजागर करते हुए ऑल इंडिया लोको रनिंग स्टाफ एसोसिएशन (AILRSA) के सोलापुर मंडल ने, मध्य रेलवे के महाप्रबंधक को एक माँगपत्र दिया है जिसे आप नीचे पढ़ सकते हैं।

इस पत्र में उठाई एक माँग की ओर हम आपका ध्यान विशेष रूप से आकर्षित करना चाहते हैं उन्होंने माँग की है कि, निम्नलिखित विषयवस्तु के बारे में निष्पक्ष उच्चस्तरीय जाँच की जाय तथा जाँच के दौरान प्राप्त सभी रिकार्ड सुरक्षित रखे जाय ताकि उनमें बाद में परिवर्तन की संभावना न रहे

  • 9 घंटे के बाद लोको पायलटों से कराई गई ड्यूटी
  • 9 घंटे के बाद दिए गए relief requests
  • जारी किए गए DAR/charge memos
  • लोको पायलटों के खिलाफ की गई दंडात्मक कार्रवाई
  • HQ पहुँचने के बाद किए गए HQ Overshoot
  • HQ Rest में की गई कटौती
  • sign-on/sign-off records

यह इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि, अगर किसी ने 8 या 9 घंटे से ज्यादा ड्यूटी की होगी, तो उस ड्यूटी को रिकार्ड करते वक्त, 4 घंटे की गैप दिखाकर रिकार्ड किया जाता है, आईसी अनेक रिपोर्ट आई हैं। यह सच्चाई लोको पायलट कई बार कहते आ रहे है मगर उसपर प्रशासन चुप्पी थामे है।

मगर क्या उसी प्रशासन ने उच्चस्तरीय जाँच करने से सच्चाई सामने आएगी? शायद नहीं। उस जाँच समिति में लोको पायलटों के प्रतिनिधि होना आवश्यक है और लोको पायलटों ने खुद मोबाईल फोन के कैमरे के जरिए, सबूत इकठ्ठा करना आवश्यक है

करीब करीब इसी तरीके से S&T टी कर्मचारी, स्टेशन मास्टर, पॉइंट्समेन, ट्रैकमेन, गार्ड आदि के ड्यूटी के बारे में खिलवाड़ किया जा रहा है।

ड्यूटी के घंटों के तथा रेस्ट के घंटों के बारे में कई दूसरी महत्वपूर्ण माँगे भी इस माँगपत्र में उठाई गई हैं तथा रेल प्रशासन को चेतावनी दी है कि अगर उच्चस्तरीय निष्पक्ष जाँच नहीं की गई तो वे आंदोलन तेज करेंगे।

जो मजदूर रेल कर्मचारी नहीं है, वे अगर माँगपत्र पढ़ें तो उन्हें स्पष्ट होगा, कि खुद रेलवे द्वारा नियुक्त अलग अलग समितियाँ एवं खुद रेलवे के ही कई नियम एवं सर्कुलर रेल प्रशासन खुद नजरअंदाज कर रहा है। यह भी समझ आएगा कि अमानवीय ड्यूटी के घंटों से यात्रीयों की सुरक्षा को भी गंभीर खतरा होता है।

Upload.Hindi.AILRSA Solapur Div representation
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted