आल इंडिया रेलवे ट्रेक मेंटेनर्स यूनियन (AIRTU) के राष्ट्रिय महासचिव श्री नरेंद्र पांचाल से प्राप्त सूचना पर आधारित रिपोर्ट

“गेटमैन” की कैटेगरी में जो रेल मजदूर कार्यरत है वे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाते है। चलती ट्रेन के साथ रेलवे क्रोसिंग पर कोई दुर्घटना ना हो इसलिए उन्हें बेहद सावधानी तथा सतर्कता से काम करना पड़ता है। मगर इन्ही “गेटमैन” कैटेगरी के कई मजदूरों को, 12 घंटा ड्यूटी करने को कहा जाता है, और आपात्कालीन परिस्थितियों में एक ही कर्मचारी से बिना सोए 36 घंटे, 48 घंटे और कई बार 60 घंटे लगातार काम कराया जाता है। अगर अपने प्रभारी अधिकारी से वे विश्राम मांगते है तो उन्हें स्थानांतरण की धमकी देकर प्रताड़ित किया जाता है। रेलवे में बहुत बड़ी तादाद में रिक्तियाँ है जो इस कैटेगरी में भी है। इस वजह कईयों को बिना किसी साप्ताहिक विश्राम के लगातार ३० दिन काम करने के लिए मजबूर किया जाता है। अतिरिक्त घंटे काम करने के लिए ओवरटाईम भी नहीं दिया जाता।
आल इंडिया रेलवे ट्रेक मेंटेनर्स यूनियन (AIRTU) ने, पूर्व मध्य रेलवे (ECR) हाजीपुर जोन के समस्तीपुर मंडल अंतर्गत राधोपुर सेक्शन में कार्यरत “गेटमैन” के साथ, गत 5 वर्षों से इस तरह का जो अन्याय हो रहा है उसे उजागर करते हुए एक ख़त 13 अगस्त 2026 को, श्रम एवं रोजगार मंत्रालय भारत सरकार को लिखा है। उसका संज्ञान लेते हुए श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के अधिकारी ने पूर्व मध्य रेलवे (ECR) के जनरल मैनेजर से 15 दिनों के अंदर जबाब माँगा है ( दोनों पत्र नीचे पढ़िए)।
“गेटमैन” की यह समस्या गंभीर है। भारतीय रेलवे के इस अमानवीय बर्ताव की भर्त्सना करना जरूरी है। बेहद बड़ी संख्या में रिक्तियों की वजह से, भारतीय रेलवे के सभी कैटेगरी के मजदूरों को इस तरह की समस्याओं का मुकाबला करना पड़ता है। आवश्यक है की सभी रेलवे मजदूर एक आवाज में रिक्त पदों पर भर्ती की आवाज उठाएं।




