पंजाब सरकार के 7 लाख से ज़्यादा कर्मचारियों और पेंशनभोगियों ने अपने आंदोलन को तेज़ करने का फ़ैसला किया है

कामगार एकता कमिटी (KEC) के संवाददाता की रिपोर्ट

पंजाब सरकार के कर्मचारियों ने अपनी लंबे समय से लंबित मांगों को मनवाने के लिए अगले दो महीनों में अपना आंदोलन तेज़ करने का फ़ैसला किया है। कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की संयुक्त समन्वय समिति (जेसीसी) ने 11 और 12 सितंबर को सात मंत्रियों के आवासों का घेराव करने का आह्वान किया है। इसके बाद 10 अक्टूबर को संगरूर में राज्य-स्तरीय महा-रैली आयोजित की जाएगी।

संयुक्त समन्वय समिति जेसीसी ने कर्मचारियों से 21 और 22 अक्टूबर को दो दिन की सामूहिक छुट्टी पर जाने का आह्वान किया है। इससे पहले, 27 अगस्त 2026 को 3 लाख से ज़्यादा सरकारी कर्मचारियों ने एक दिन की सामूहिक छुट्टी लेकर काम बंद कर दिया था। (विवरण के लिए कृपया देखें)

आंदोलन का नेतृत्व करने के लिए राज्य सरकार के कर्मचारियों के 150 से ज़्यादा संगठन ‘पंजाब सांझा मुलाज़म मंच’ के बैनर तले एकजुट हुए हैं।

कर्मचारियों की नाराज़गी की एक मुख्य वजह कांग्रेस पार्टी के नेतृत्व वाली पिछली राज्य सरकार द्वारा लागू किया गया दो तरह की वेतन संरचना है। 17 जुलाई 2020 को राज्य सरकार ने एक अधिसूचना जारी किया था, जिसमें सरकारी कर्मचारियों के लिए वेतन की दो संरचना तय की गई थी – एक उन लोगों के लिए जिनकी भर्ती अधिसूचना की तारीख से पहले हुई थी और दूसरा उनके लिए जिनकी भर्ती उसके बाद हुई थी। कर्मचारी एक जैसी वेतन संरचना चाहते हैं और उनका कहना है कि वे अपने बीच कोई बंटवारा नहीं चाहते।

कर्मचारी 18% बकाया DA (महंगाई भत्ता) जारी करने की मांग कर रहे हैं। मुलाज़म मंच के संयोजक श्री सुखचैन सिंह खेहरा ने कहा, “केंद्र सरकार 60% DA देती है। हमें अभी तक सिर्फ़ 42% DA ही मिला है। हमारी मांग है कि बाकी 18% DA जारी किया जाए। पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने कर्मचारियों के पक्ष में फ़ैसला सुनाया है। परंतु, राज्य सरकार ने इस फ़ैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने का फ़ैसला किया है और इसी बहाने बाकी DA जारी करने में देरी कर रही है।”

पुरानी पेंशन योजना (OPS) को लागू करना एक और बड़ी मांग है। राज्य सरकार ने 18 नवंबर 2022 को OPS को फिर से शुरू करने की अधिसूचना जारी की थी, लेकिन इसे लागू करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया है।

Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted