फ्रांसीसी सरकार ने बिजली कंपनी EDF का पुनर्राष्ट्रीयकरण करने का निर्णय लिया

कामगार एकता समिति (KEC) संवाददाता की रिपोर्ट EDF (इलेक्ट्रिसिट द फ्रांस, शाब्दिक रूप से फ्रांस की बिजली) यूरोप की सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा कंपनियों में से Read more

देश भर के लाखों बिजली कर्मचारियों और अभियंता दोस्तों सावधान! विद्युत (संशोधन) विधेयक – 2022 को मानसून सत्र में पारित करने के विषय में कॉम. मोहन शर्मा, महासचिव, AIFEE का संदेश

कॉम. कृष्णा भोयर, महासचिव, महाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी वर्कर्स फेडरेशन एवं संयुक्त महासचिव AIFEE से प्राप्त ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ इलेक्ट्रिसिटी एम्पलाईज देश भर के लाखों Read more

सार्वजनिक क्षेत्र की सेवाएं जनता के पैसे से जनता की सेवा के लिए बनाई गयी है; इन्हें मुनाफा कमाने का साधन बतौर नहीं देखा जा सकता!

श्री गिरीश भावे, संयुक्त सचिव, कामगार एकता कमिटी (KEC) 1991 की निजीकरण और उदारीकरण द्वारा भूमंडलीकरण की नीति लागू करने के बाद सत्ता पर आई Read more

9000 और 12,000 हौर्स पॉवर के इलेक्ट्रिक इंजन अन्य रेल कारखानों में बनाने के निर्णय के विरोध में चितरंजन रेल कारखाना कर्मचारियों ने नागरिकों का समर्थन प्राप्त करने के लिए हस्ताक्षर अभियान शुरू किया

कॉम. राजीव गुप्ता, महासचिव, चि.रे.का. लेबर यूनियन (सी.आई.टी.यू.) से प्राप्त रिपोर्ट और पत्र के आधार पर कामगार एकता कमिटी (KEC) संवाददाता की रिपोर्ट हाल ही Read more

सदर्न रेलवे के जोलारपेट्टायी में 28 जून 2022 को रेलवे निजीकरण के परिणाम पर आयोजित सेमिनार में AILRSA द्वारा पेश किया गया दस्तावेज

सदर्न रेलवेश्री एस. के. कुलश्रेष्ठ (AISMA) से प्राप्त

रिक्तियों और अनुबंधीकरण के खिलाफ लड़ो!

रिया एस, पुरोगामी महिला संगठन (PMS) द्वारा सभी सार्वजनिक क्षेत्रों के मज़दूरों द्वारा रिक्तियों को भरने, ठेका बंद करने और ठेका मज़दूरों को नियमित करने Read more

दक्षिण पूर्व रेलवे के मज़दूरों ने निजीकरण के खिलाफ और अन्य मांगों के लिए लड़ने के लिए एक क्षेत्रीय संयुक्त मंच बनाने का फैसला किया!

कामगार एकता कमिटी (KEC) संवाददाता की रिपोर्ट निजीकरण के खिलाफ और अन्य उचित मांगों के लिए लड़ने के लिए दक्षिण पूर्व रेलवे के सभी ट्रेड Read more

बेल्जियम में मजदूरों ने बढ़ते शोषण और युद्ध के खिलाफ आवाज उठाई!

कामगार एकता कमिटी (KEC) संवाददाता की रिपोर्ट हम भारत में इस बात से वाकिफ हैं कि कैसे बड़े पूंजीपतियों के इशारे पर सरकार द्वारा मजदूर Read more